केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस को पिछले 41 वर्षों से चुनावी जीत नहीं मिली है और पार्टी नेतृत्व को अपनी लगातार हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शाह ने बीजेपी की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मतदाताओं के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति और संगठन की कमजोरी पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। गृह मंत्री ने गुजरात के साथ-साथ राजस्थान, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और त्रिपुरा के चुनावी नतीजों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के प्रदर्शन के आंकड़े पेश करते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए। शाह ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
गुजरात में बीजेपी को 104 में से 90 सीटें मिलने का दावा
अमित शाह ने गुजरात के तीन नगर निकायों में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने कुल 104 सीटों में से 90 पर जीत हासिल की है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांधीनगर नगर निगम के नतीजों का भी उल्लेख किया। शाह के मुताबिक, गांधीनगर में बीजेपी ने 44 में से 38 सीटों पर कब्जा किया। गृह मंत्री ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) ने गांधीनगर नगर निगम की सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसके किसी भी उम्मीदवार की जमानत नहीं बच सकी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी के मत प्रतिशत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शाह ने इन नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति मतदाताओं के भरोसे का संकेत बताया। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में पिछला चुनाव 1985 में जीता था और इसके बाद से पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, राज्य में 41 वर्षों से चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाना कांग्रेस के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय होना चाहिए।
एसआईआर को लेकर राहुल गांधी से अमित शाह का सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को भी एसआईआर का परिणाम बताया जाएगा। शाह ने कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को एसआईआर से जोड़कर खारिज करने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को अपनी चुनावी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने गुजरात में कांग्रेस के लंबे समय से चुनाव नहीं जीत पाने का हवाला देते हुए पार्टी की रणनीति और संगठन पर विचार करने की जरूरत बताई। गृह मंत्री के बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि लगातार चुनावी हार के कारणों की समीक्षा किए बिना कांग्रेस अपनी स्थिति में सुधार नहीं कर सकती। उन्होंने गुजरात के नतीजों को आधार बनाकर राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन करने की बात कही।
पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के नतीजों का भी किया जिक्र
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कांग्रेस इन तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने अलग-अलग सीटों पर बीजेपी और उसके सहयोगियों के प्रदर्शन के आंकड़े भी साझा किए। शाह के मुताबिक, नौगांव में बीजेपी उम्मीदवार ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और यह सीट कांग्रेस से छीन ली। वहीं, नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार को 76 प्रतिशत वोट मिले और उन्होंने 1.22 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की। गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि यहां बीजेपी ने 75 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और यह सीट तृणमूल कांग्रेस से छीन ली। पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत हासिल की। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस चुनाव में कांग्रेस को केवल 22 प्रतिशत वोट मिले।
राजस्थान में बीजेपी की जीत का हवाला देकर कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भी बीजेपी के प्रदर्शन को शानदार बताया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगर पालिकाओं में जीत हासिल की है। गृह मंत्री ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी नतीजे राहुल गांधी के लिए सबक हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान में 85 प्रतिशत से अधिक वार्डों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। शाह ने राजस्थान के नतीजों को भी कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि लगातार हार के कारणों पर विचार करना और संगठन की स्थिति का आकलन करना कांग्रेस नेतृत्व के लिए जरूरी है।
त्रिपुरा में राजग को करीब 4,000 सीटें मिलने का दावा
अमित शाह ने त्रिपुरा में ग्राम समिति के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को लगभग 4,000 सीटों पर जीत मिली है। उनके अनुसार, गठबंधन ने 3,248 सीटों के अलावा करीब 900 अन्य सीटों पर भी सफलता हासिल की। शाह ने इन चुनावों में राजग का कुल मत प्रतिशत 77.5 बताया। उन्होंने इन आंकड़ों को बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पक्ष में जनसमर्थन का संकेत बताया और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। गुजरात से लेकर राजस्थान और त्रिपुरा तक के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करने की सलाह दी। उनके बयान में लगातार चुनावी हार, संगठन की स्थिति और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल प्रमुख रहे।













