न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

पहले जलन और चुभन, फिर दर्दनाक फफोले... शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, शिंगल्स से जुड़ा है दिल और स्ट्रोक का खतरा

शिंगल्स यानी हर्पीज जोस्टर सिर्फ त्वचा की समस्या नहीं है। रिसर्च में स्ट्रोक और हृदय संबंधी घटनाओं से इसका संबंध मिला है, जानिए कारण और बचाव

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 04 Oct 2026 11:13:13

पहले जलन और चुभन, फिर दर्दनाक फफोले... शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, शिंगल्स से जुड़ा है दिल और स्ट्रोक का खतरा

त्वचा पर अचानक जलन, चुभन, दर्द और छोटे-छोटे फफोले निकलना केवल त्वचा से जुड़ी परेशानी नहीं हो सकती। ये शिंगल्स यानी हर्पीज जोस्टर के लक्षण हो सकते हैं। इस संक्रमण को लेकर लंबे समय से हुई कई स्टडी में स्ट्रोक और हृदय संबंधी घटनाओं के बढ़े हुए जोखिम का संबंध सामने आया है। हालिया शोध ने इस विषय को एक और दिशा दी है। अगस्त 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि रीकॉम्बिनेंट शिंगल्स वैक्सीन लेने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में सात साल की अवधि में हृदय संबंधी घटनाओं का बोझ कम था। हालांकि यह अध्ययन वैक्सीन और कम हृदय जोखिम के बीच संबंध दिखाता है, इसे कारण और प्रभाव का अंतिम प्रमाण नहीं माना गया है।

शिंगल्स क्या होता है और शरीर में कैसे सक्रिय होता है?

शिंगल्स को हर्पीज जोस्टर भी कहा जाता है। यह वैरिसेला-जोस्टर वायरस के दोबारा सक्रिय होने से होता है। यही वायरस चिकनपॉक्स का कारण बनता है। चिकनपॉक्स से ठीक होने के बाद वायरस शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं होता, बल्कि तंत्रिका कोशिकाओं में निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है। बाद में उम्र बढ़ने या प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने जैसी स्थितियों में यह फिर सक्रिय होकर शिंगल्स का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह बीमारी आमतौर पर शरीर के एक हिस्से में दर्दनाक दानों और फफोलों के रूप में दिखाई देती है।

शिंगल्स में अक्सर पहले प्रभावित हिस्से में दर्द, जलन, खुजली या झुनझुनी महसूस हो सकती है और उसके बाद एक तरफ नसों के रास्ते में दाने और फफोले दिखाई देते हैं। आमतौर पर ये घाव पपड़ी में बदलते हैं और बीमारी दो से चार सप्ताह में ठीक हो सकती है। आंख के आसपास शिंगल्स होने पर आंख और नजर पर असर पड़ने का खतरा रहता है। दुर्लभ मामलों में मस्तिष्क में सूजन जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।

दाने ठीक होने के बाद भी रह सकता है नसों का दर्द

शिंगल्स की सबसे आम जटिलता पोस्टहर्पेटिक न्यूराल्जिया है। इसमें दाने ठीक होने के बाद भी उसी हिस्से में नसों का दर्द बना रह सकता है। सीडीसी के अनुसार शिंगल्स से प्रभावित करीब 10 से 18 प्रतिशत लोगों में यह समस्या हो सकती है और उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम बढ़ता है। यह दर्द महीनों या वर्षों तक बना रह सकता है।

शिंगल्स से जुड़ी जटिलताओं में आंखों और सुनने से जुड़ी समस्याएं भी शामिल हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने वाले लोगों में गंभीर जटिलताओं का जोखिम अधिक रहता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की उपचार संबंधी जानकारी में भी हर्पीज जोस्टर की जटिलताओं में चेहरे की नसों से जुड़ी समस्या, आंखों में संक्रमण, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी परेशानी और पोस्टहर्पेटिक न्यूराल्जिया का उल्लेख है।

शिंगल्स के बाद स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ सकता है?

शिंगल्स और स्ट्रोक के बीच संबंध को लेकर कई वर्षों से शोध हो रहा है। एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में हर्पीज जोस्टर के बाद स्ट्रोक या क्षणिक इस्केमिक अटैक का जोखिम लगभग 30 प्रतिशत अधिक पाया गया था। इसी विश्लेषण में दिल के दौरे यानी मायोकार्डियल इंफार्क्शन के जोखिम में भी वृद्धि का संबंध सामने आया। आंख के आसपास होने वाले हर्पीज जोस्टर में स्ट्रोक का संबंध और अधिक मजबूत पाया गया था।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार उपलब्ध शोधों में शिंगल्स के बाद भविष्य में हृदय या स्ट्रोक से जुड़ी घटना के जोखिम में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि का संबंध देखा गया है। उसके अनुसार स्ट्रोक का जोखिम कुछ अध्ययनों में 38 प्रतिशत तक और कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम 25 प्रतिशत तक अधिक पाया गया। संक्रमण के बाद शुरुआती हफ्तों और महीनों में जोखिम खास तौर पर अधिक दिखाई देता है।

इसके पीछे एक संभावित कारण रक्त नलिकाओं में वायरस से जुड़ी सूजन और क्षति हो सकती है। हालांकि शिंगल्स और हृदय संबंधी घटनाओं के बीच इस संबंध की पूरी जैविक प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इन अध्ययनों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि शिंगल्स होने पर किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ेगा। उपलब्ध शोध मुख्य रूप से दोनों स्थितियों के बीच बढ़े हुए जोखिम का संबंध दिखाते हैं।

2026 की नई रिसर्च में वैक्सीन को लेकर क्या सामने आया?

26 अगस्त 2026 को नेचर मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन ने शिंगल्स वैक्सीन और हृदय संबंधी घटनाओं के संबंध की जांच की। शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के उन लोगों की तुलना की, जिन्हें रीकॉम्बिनेंट वैक्सीन उपलब्ध होने से पहले मुख्य रूप से पुरानी लाइव वैक्सीन मिली थी और बाद में रीकॉम्बिनेंट वैक्सीन मिली। दोनों समूहों में 36,460-36,460 लोगों को शामिल किया गया।

अध्ययन में रीकॉम्बिनेंट वैक्सीन लेने वाले समूह में सात साल के दौरान इस्केमिक हृदय रोग, हार्ट फेल्योर या इस्केमिक स्ट्रोक को मिलाकर बनाए गए मुख्य हृदय संबंधी परिणाम का बोझ 9 प्रतिशत कम पाया गया। इस्केमिक हृदय रोग का बोझ 10 प्रतिशत और हार्ट फेल्योर का 12 प्रतिशत कम था। पुरुषों में इस्केमिक स्ट्रोक का बोझ भी 12 प्रतिशत कम पाया गया। एट्रियल फिब्रिलेशन के मामले में भी 7 प्रतिशत कमी का संबंध मिला।

शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अध्ययन के नतीजे आगे होने वाले चिकित्सकीय परीक्षणों और जैविक स्तर पर होने वाले शोध की जरूरत को खत्म नहीं करते। अध्ययन में रीकॉम्बिनेंट वैक्सीन की तुलना सीधे बिना वैक्सीन वाले लोगों से नहीं की गई थी। इसलिए वैक्सीन को हृदय रोगों से बचाने वाला सिद्ध इलाज मानने के बजाय इन नतीजों को एक महत्वपूर्ण शोध-संबंध के रूप में देखा जाना चाहिए।

2026 में प्रकाशित एक अलग व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में भी शिंगल्स वैक्सीन लेने वालों में स्ट्रोक, मायोकार्डियल इंफार्क्शन और अन्य प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं का जोखिम कम होने का संबंध पाया गया। इसमें नौ अध्ययनों को शामिल किया गया था, लेकिन शोधकर्ताओं ने भी बड़े और मजबूत अध्ययनों से इन संबंधों की पुष्टि की जरूरत बताई।

शिंगल्स से बचाव के लिए क्या है जरूरी?

शिंगल्स से बचाव का मुख्य तरीका टीकाकरण है। भारत में सीडीएससीओ के दस्तावेज में शिंग्रिक्स को 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों में हर्पीज जोस्टर और पोस्टहर्पेटिक न्यूराल्जिया से बचाव के लिए मंजूरी प्राप्त वैक्सीन के रूप में दर्ज किया गया है। इसके दो टीके दिए जाते हैं, जिनके बीच सामान्य तौर पर दो महीने का अंतर रखा जाता है और जरूरत के अनुसार दूसरा टीका दो से छह महीने के बीच दिया जा सकता है।

आईसीएमआर की मानक उपचार जानकारी में भी 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हर्पीज जोस्टर के खिलाफ टीकाकरण की पेशकश किए जाने की बात कही गई है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शिंगल्स के लक्षण शुरू होने पर एंटीवायरल दवाएं बीमारी की गंभीरता और अवधि कम कर सकती हैं, खासकर जब उपचार जल्दी शुरू किया जाए।

अगर शिंगल्स हो चुका है, तो प्रभावित हिस्से के दानों को ढककर रखना और उन्हें छूने या खुजलाने से बचना जरूरी है। शिंगल्स वाले व्यक्ति से वायरस ऐसे व्यक्ति तक पहुंच सकता है जिसे पहले चिकनपॉक्स नहीं हुआ है या उसका टीकाकरण नहीं हुआ है; ऐसे व्यक्ति में इससे शिंगल्स नहीं बल्कि चिकनपॉक्स हो सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

UPI PIN कैसे बदलें? जानें आसान तरीका और कब करना चाहिए PIN रीसेट

  • UPI से पैसे भेजना आसान है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए PIN का ध्यान रखना जरूरी है।
  • समय-समय पर UPI PIN बदलने से ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा कम होता है।
  • PIN भूलने पर डेबिट कार्ड और OTP से आसानी से रीसेट किया जा सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत