मनीषा कोइराला 56 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस को लेकर लगातार सक्रिय हैं। 5 अक्टूबर 2026 को सामने आए उनके नए वर्कआउट वीडियो में वह अपर-बॉडी स्ट्रेंथ पर काम करती नजर आईं। इस सत्र में उन्होंने लैट पुलडाउन, केबल बाइसेप कर्ल, ओवरहेड ट्राइसेप एक्सटेंशन, डंबल बाइसेप कर्ल, लेटरल रेज और असिस्टेड पुल-अप्स किए। मनीषा के इस ताजा वर्कआउट से साफ तौर पर यह जानकारी मिलती है कि उनका व्यायाम केवल एक तरह की कसरत तक सीमित नहीं है। उनके हाल के वर्कआउट में पीठ, बाजुओं और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली अलग-अलग एक्सरसाइज शामिल हैं। लैट पुलडाउन से पीठ की मांसपेशियों पर काम किया जाता है, जबकि बाइसेप कर्ल और ट्राइसेप एक्सटेंशन हाथों की मांसपेशियों को मजबूत करने पर केंद्रित होते हैं।
नए वर्कआउट में इन एक्सरसाइज पर रहा जोर
मनीषा ने वर्कआउट की शुरुआत लैट पुलडाउन से की। इसमें उन्होंने बार को ऊपर से पकड़कर कोहनी को नीचे और पीछे की ओर खींचते हुए बार को ऊपरी छाती की तरफ लाया। इसके बाद उन्होंने केबल मशीन से बाइसेप कर्ल किया। केबल के इस्तेमाल से पूरे मूवमेंट के दौरान मांसपेशियों पर लगातार प्रतिरोध बना रहता है। इसके बाद उनके रूटीन में ओवरहेड ट्राइसेप एक्सटेंशन और डंबल बाइसेप कर्ल शामिल रहे। उन्होंने लेटरल रेज भी किए, जिसमें कंधों की मांसपेशियों पर काम होता है। वर्कआउट के दौरान वह असिस्टेड पुल-अप्स करती भी नजर आईं।
मोबिलिटी और स्ट्रेचिंग को भी देती हैं जगह
मनीषा का फिटनेस रूटीन केवल वजन उठाने तक सीमित नहीं है। 2 अक्टूबर को साझा किए गए एक अन्य वर्कआउट वीडियो में वह योग स्ट्रेचिंग, मोबिलिटी एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संयोजन करती नजर आई थीं। उन्होंने कैट-काउ पोज से शुरुआत की, जिसके बाद थ्रेड-द-नीडल स्ट्रेच और लंजिंग पोज किए। इसके बाद उन्होंने छोटे डंबल्स के साथ लंज किए और डंबल की मदद से लेटरल लेग मूवमेंट्स किए। मैट पर लेटकर लेग रेज और लेग सर्कल्स भी उनके उस सत्र का हिस्सा रहे। इस तरह उनके उस वर्कआउट में लचीलापन, शरीर की मूवमेंट और मांसपेशियों की मजबूती पर एक साथ काम किया गया।
स्ट्रेचिंग को लेकर पहले भी कर चुकी हैं बात
मनीषा पहले भी अपने फिटनेस रूटीन में स्ट्रेचिंग की अहमियत पर बात कर चुकी हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग करने की सलाह देते हुए कहा था कि इसके लिए कुछ मिनट निकालने चाहिए। उस समय विशेषज्ञों ने भी नियमित और सुरक्षित तरीके से व्यायाम करने के साथ स्ट्रेचिंग को शामिल करने की बात कही थी।
फिटनेस को लेकर बदला नजरिया
मनीषा ने अपने पुराने एक फिटनेस पोस्ट में यह भी बताया था कि उम्र के साथ शरीर बदलता है और इसलिए उन्होंने अपने शरीर को ज्यादा मेहनत से दबाने के बजाय उसके अनुसार अपना तरीका बदलने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा था कि उन्हें अब पहले की तुलना में खुद को मजबूत और स्वस्थ महसूस होता है।
उनकी फिटनेस यात्रा को उनके कैंसर से उबरने के बाद की स्वास्थ्य देखभाल के संदर्भ में भी देखा गया है। मनीषा को 2012 में ओवेरियन कैंसर का पता चला था और उन्होंने सर्जरी तथा कीमोथेरेपी कराई थी। 2013 में उन्हें कैंसर-मुक्त घोषित किया गया था।
खाने और रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान
मनीषा के फिटनेस रूटीन से जुड़ी पहले की रिपोर्टों में उनके खान-पान का भी जिक्र मिलता है। वह शाकाहारी भोजन लेती हैं और अपने खाने में प्रोटीन तथा फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल करती हैं। उनके बताए रूटीन में सुबह गुनगुना पानी, नाश्ते में फल और स्प्राउट्स, घर का बना सादा खाना तथा स्नैक के तौर पर ड्राई फ्रूट्स शामिल रहे हैं।
उनके अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरतें बदलती हैं, इसलिए बहुत कठिन डाइट के बजाय सादा और संतुलित भोजन पर ध्यान देना चाहिए। वह रात का खाना अपेक्षाकृत जल्दी और हल्का रखने की बात भी कह चुकी हैं। उनके पुराने रूटीन में पर्याप्त पानी और सब्जियों का जूस भी शामिल रहा है।
मनीषा ने डेयरी उत्पादों, खासकर दूध, का सेवन कम करने और ग्लूटेन-फ्री चीजें लेने की बात भी कही है। वह घर में एल्कलाइन वॉटर की मशीन रखने और उसका पानी पीने का भी उल्लेख कर चुकी हैं। ये उनके व्यक्तिगत खान-पान से जुड़े विकल्प हैं, इन्हें सामान्य स्वास्थ्य सलाह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
नींद को भी मानती हैं जरूरी
मनीषा के पुराने फिटनेस रूटीन में नींद भी एक अहम हिस्सा रही है। उन्होंने करीब 6 से 7 घंटे सोने की बात कही है और इसे शरीर को सक्रिय रखने तथा दिमाग के बेहतर तरीके से काम करने से जोड़ा है। 2 अक्टूबर को अपने फिटनेस वीडियो के साथ मनीषा ने लिखा था कि लंबे समय तक काम करने के बाद अब उन्हें अपनी सेवानिवृत्ति के इस दौर को अपनी पसंद के मुताबिक जीने का अवसर मिल रहा है। 5 अक्टूबर के ताजा वर्कआउट वीडियो में उन्होंने लैट पुलडाउन, केबल बाइसेप कर्ल, ओवरहेड ट्राइसेप एक्सटेंशन, डंबल कर्ल, लेटरल रेज और असिस्टेड पुल-अप्स किए।














