न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज से मिल सकते हैं कई फायदे, जानें करने का सही तरीका, किन बातों का रखें ध्यान

ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग और कोर को मजबूत करने में मदद कर सकती है। जानें इसे सही तरीके से कैसे करें और किन गलतियों से बचें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 07 Oct 2026 11:32:27

ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज से मिल सकते हैं कई फायदे, जानें करने का सही तरीका, किन बातों का रखें ध्यान

ग्लूट ब्रिज एक ऐसी आसान एक्सरसाइज है जिसे बिना किसी खास उपकरण के घर पर भी किया जा सकता है। इसमें पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ा जाता है और पैरों को जमीन पर टिकाकर कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है। सही तरीके से करने पर यह एक्सरसाइज ग्लूट्स यानी कूल्हों की मांसपेशियों के साथ कोर, हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को भी सक्रिय करती है। यह एक्सरसाइज खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो अपने निचले शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए एक आसान व्यायाम को नियमित कसरत में शामिल करना चाहते हैं। इसे करने के लिए ज्यादा जगह या उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ग्लूट ब्रिज कूल्हों की स्थिरता और रोजमर्रा की गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली मांसपेशियों की ताकत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

ग्लूट ब्रिज से कौन से फायदे मिल सकते हैं?

1. ग्लूट्स को मजबूत करने में मदद


ग्लूट ब्रिज का मुख्य लक्ष्य ग्लूटल मांसपेशियां हैं। कूल्हों को ऊपर उठाते समय इन मांसपेशियों को सक्रिय करना पड़ता है। नियमित शक्ति-प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में यह व्यायाम निचले शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद कर सकता है।

2. हैमस्ट्रिंग पर भी काम करता है

ग्लूट्स के अलावा पैरों के पीछे मौजूद हैमस्ट्रिंग मांसपेशियां भी इस गतिविधि में शामिल होती हैं। इसलिए ग्लूट ब्रिज केवल कूल्हों की मांसपेशियों तक सीमित व्यायाम नहीं है, बल्कि निचले शरीर की कई मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करता है।

3. कोर की मांसपेशियों को सक्रिय करता है


ग्लूट ब्रिज करते समय पेट और कोर की मांसपेशियों को सक्रिय रखने से शरीर को स्थिर रखने में मदद मिलती है। इस वजह से यह व्यायाम कोर की स्थिरता पर भी काम करता है।

4. कूल्हों की स्थिरता में मदद


ग्लूट्स शरीर के निचले हिस्से को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्लूट ब्रिज इन मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ कूल्हों की स्थिरता पर भी काम कर सकता है।

5. रोजमर्रा की गतिविधियों में उपयोगी


मजबूत ग्लूट्स का इस्तेमाल चलने, सीढ़ियां चढ़ने और बैठने की स्थिति से उठने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में होता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ग्लूट ब्रिज इन कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

ग्लूट ब्रिज करने का सही तरीका क्या है?

ग्लूट ब्रिज करते समय केवल कूल्हों को ऊपर उठाना पर्याप्त नहीं है। सही मुद्रा और नियंत्रित गति पर ध्यान देना जरूरी है।

- सबसे पहले पीठ के बल फर्श पर लेट जाएं और हाथों को शरीर के दोनों ओर आराम से रखें।
- दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर सपाट रखें। पैरों के बीच लगभग कूल्हों जितनी दूरी रखें।
- एड़ियों को शरीर के काफी पास रखें, लेकिन ऐसी स्थिति चुनें जिसमें आप आराम से व्यायाम कर सकें।
- पेट की मांसपेशियों को हल्का कसें और सांस रोकें नहीं।
- अब एड़ियों पर दबाव डालते हुए ग्लूट्स को कसें और कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
- ऊपर जाते समय शरीर को घुटनों से कंधों तक एक सीधी तिरछी रेखा में रखने की कोशिश करें।
- ऊपर की स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और ग्लूट्स को सक्रिय रखें।
- इसके बाद कूल्हों को धीरे-धीरे नीचे लाएं और शुरुआती स्थिति में लौट आएं।
- कूल्हों को बहुत ऊपर उठाने की जरूरत नहीं

ग्लूट ब्रिज में एक आम गलती कूल्हों को जरूरत से ज्यादा ऊपर उठाना है। इससे कमर के निचले हिस्से में जरूरत से ज्यादा खिंचाव या पीछे की ओर झुकाव हो सकता है। व्यायाम के दौरान कमर को अनावश्यक रूप से मोड़ने के बजाय कूल्हों की गति और ग्लूट्स को सक्रिय करने पर ध्यान देना चाहिए। अगर ग्लूट ब्रिज करते समय हैमस्ट्रिंग में ऐंठन होने लगे तो पैरों की स्थिति को थोड़ा बदलकर एड़ियों को ग्लूट्स के करीब लाने की कोशिश की जा सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पैरों की स्थिति बदलने और एड़ियों से दबाव देने पर ध्यान देने से इस समस्या में मदद मिल सकती है।

शुरुआत कितनी बार करें?

शुरुआत करने वाले लोग कम दोहराव से शुरू कर सकते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे इसे बढ़ा सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक की एक हालिया गाइड में दो सेट में 15 ग्लूट ब्रिज करने का उदाहरण दिया गया है, जबकि अन्य व्यायाम मार्गदर्शिकाएं शुरुआती लोगों को 10 दोहराव से शुरू करने की सलाह देती हैं। इसलिए संख्या तय करते समय अपनी फिटनेस और व्यायाम के अनुभव को ध्यान में रखना जरूरी है।

जब सामान्य ग्लूट ब्रिज आसानी से होने लगे तो इसे कठिन बनाने के लिए रेजिस्टेंस बैंड, सिंगल-लेग ब्रिज या अन्य बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि, कठिन रूप अपनाने से पहले सामान्य ग्लूट ब्रिज की मुद्रा और नियंत्रण पर पकड़ होना जरूरी है।

दर्द होने पर व्यायाम रोकें

ग्लूट ब्रिज सामान्य रूप से आसान एक्सरसाइज है, लेकिन इसे करते समय कमर या कूल्हे में दर्द महसूस होना सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। अगर व्यायाम के दौरान दर्द हो तो इसे रोकना चाहिए। चोट, हाल की सर्जरी या पीठ, पेट, कूल्हे, घुटने अथवा टखने से जुड़ी समस्या होने पर इस तरह की एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित है।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत