आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने लगातार काम करने की आदत के कारण सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने और गलत पोश्चर अपनाने से गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका परिणाम गर्दन में दर्द, अकड़न, कंधों में भारीपन और कई बार सिरदर्द या चक्कर आने जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है।
अगर आप भी ऑफिस में काम करते समय गर्दन के दर्द से परेशान रहते हैं, तो हर बार सीट छोड़कर जाने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज ऐसी हैं जिन्हें आप अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे ही कर सकते हैं। इन्हें नियमित रूप से करने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और सर्वाइकल से जुड़ी परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। आइए जानते हैं इन आसान एक्सरसाइज के बारे में।
1. नेक रोटेशन (Neck Rotation)
गर्दन की अकड़न दूर करने और उसकी लचक बनाए रखने के लिए नेक रोटेशन बेहद प्रभावी एक्सरसाइज मानी जाती है।
इसे करने के लिए सबसे पहले कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे अपनी गर्दन को दाईं ओर घुमाएं और 3 से 5 सेकंड तक उसी स्थिति में रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं और फिर गर्दन को बाईं ओर उसी तरह घुमाएं। इसके बाद गर्दन को आराम से ऊपर और नीचे की ओर भी झुकाएं।
इस पूरे क्रम को 5 से 10 बार दोहराएं। ध्यान रखें कि गर्दन को कभी भी झटके से या तेज गति में न घुमाएं, क्योंकि इससे दर्द बढ़ सकता है।
2. शोल्डर रोल (Shoulder Roll)
लगातार टाइपिंग करने या कंप्यूटर पर काम करने से कंधों में जकड़न और तनाव महसूस होने लगता है। शोल्डर रोल एक्सरसाइज इस तनाव को कम करने में काफी मददगार होती है।
इसे करने के लिए कुर्सी पर सीधा बैठें और दोनों कंधों को एक साथ ऊपर उठाएं। अब उन्हें गोलाकार घुमाते हुए धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं। इस प्रक्रिया को 10 बार दोहराएं। इसके बाद इसी तरह कंधों को आगे की दिशा में भी 10 बार घुमाएं।
यह एक्सरसाइज कंधों के साथ-साथ ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को भी आराम देती है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न को कम करती है।
3. चिन टक (Chin Tuck)
कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार देखने के कारण अक्सर गर्दन आगे की ओर झुक जाती है, जिससे सर्वाइकल की समस्या और बढ़ सकती है। चिन टक एक्सरसाइज इस गलत पोश्चर को सुधारने में मदद करती है।
सबसे पहले सीधे बैठकर सामने की ओर देखें। अब बिना सिर नीचे झुकाए अपनी ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचें, जैसे आप डबल चिन बनाने की कोशिश कर रहे हों। इस स्थिति में लगभग 5 सेकंड तक रुकें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।
इस अभ्यास को 10 बार दोहराएं। नियमित रूप से करने पर गर्दन के पिछले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पोश्चर बेहतर बनने लगता है।
4. लेटरल नेक स्ट्रेच (Lateral Neck Stretch)
यह स्ट्रेच गर्दन के दोनों किनारों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने और उनमें मौजूद तनाव को कम करने के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है।
इसे करने के लिए अपनी दाहिनी हथेली को सिर के ऊपर ले जाकर बाएं कान के पास रखें। अब बहुत हल्के दबाव के साथ सिर को दाहिने कंधे की तरफ झुकाएं। जब गर्दन के बाईं ओर हल्का खिंचाव महसूस हो, तो 15 सेकंड तक इसी स्थिति में बने रहें।
इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं और यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं। इस एक्सरसाइज से गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिलता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न में राहत मिल सकती है।
ध्यान दें: यदि गर्दन का दर्द बहुत अधिक हो, हाथों में सुन्नपन महसूस हो, लगातार चक्कर आते हों या दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो केवल एक्सरसाइज पर निर्भर न रहें। ऐसी स्थिति में फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।













