चुकंदर को आमतौर पर खून बढ़ाने वाली सब्जी के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इसके पोषण और इसमें मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट के कारण इसके संभावित स्वास्थ्य लाभ इससे कहीं ज्यादा हैं। खासकर ब्लड प्रेशर, रक्त प्रवाह और एक्सरसाइज के दौरान शरीर की कार्यक्षमता को लेकर चुकंदर और चुकंदर के जूस पर कई मानव अध्ययनों में शोध हुआ है। हालांकि, इसके हर बताए जाने वाले फायदे के लिए वैज्ञानिक प्रमाण एक जैसे मजबूत नहीं हैं।
1. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट पाया जाता है। शरीर में नाइट्रेट से नाइट्रिक ऑक्साइड बनने की प्रक्रिया रक्त वाहिकाओं के फैलाव से जुड़ी है। इसी वजह से चुकंदर के जूस पर ब्लड प्रेशर को लेकर कई क्लिनिकल अध्ययन किए गए हैं।
2024 की एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में हाई ब्लड प्रेशर वाले वयस्कों पर किए गए 11 ट्रायल शामिल थे। इसमें चुकंदर के जूस से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में औसतन लगभग 5.31 mmHg की कमी देखी गई, हालांकि शोधकर्ताओं ने प्रमाण की निश्चितता को कम बताया और परिणामों की सावधानी से व्याख्या करने की बात कही।
2. शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भूमिका
चुकंदर का नाइट्रेट शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड की उपलब्धता बढ़ाने में योगदान कर सकता है। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं के कामकाज और रक्त प्रवाह से जुड़ा महत्वपूर्ण अणु है।
इसी वजह से चुकंदर को vascular health यानी रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के संदर्भ में भी अध्ययन किया गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि चुकंदर किसी रक्त वाहिका संबंधी बीमारी का इलाज करता है।
3. एक्सरसाइज के दौरान प्रदर्शन में मदद मिल सकती है
चुकंदर और उसके नाइट्रेट पर खेल और एक्सरसाइज से जुड़े कई अध्ययन हुए हैं। एक बड़े systematic review और meta-analysis में 123 अध्ययनों और 1,705 प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें नाइट्रेट से exercise performance में छोटा लेकिन सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण सुधार पाया गया, खासकर 2 से 10 मिनट तक चलने वाली एक्सरसाइज में। चुकंदर के जूस और हाई-नाइट्रेट डाइट से मिलने वाले नाइट्रेट के प्रभाव भी अध्ययन में देखे गए।
हालांकि इसका असर हर व्यक्ति और हर तरह की एक्सरसाइज में समान हो, यह जरूरी नहीं है।
4. एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों की रिकवरी में मदद
चुकंदर के जूस को exercise-induced muscle damage के बाद रिकवरी के संदर्भ में भी शोधा गया है। हालिया systematic review और meta-analysis में सात ट्रायल शामिल किए गए और चुकंदर के जूस से कुछ मांसपेशी-संबंधी recovery measures में सुधार देखा गया।
अध्ययन में muscle strength, counter-movement jump performance और pressure pain threshold जैसे कुछ मापदंडों में सुधार दर्ज हुआ, हालांकि inflammatory markers जैसे CRP, IL-6 और TNF-α में स्पष्ट सुधार नहीं मिला।
इसलिए चुकंदर को एक्सरसाइज के बाद रिकवरी में मददगार माना जा सकता है, लेकिन इसे muscle damage का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
5. थकान के दौरान शारीरिक कार्यक्षमता को सपोर्ट कर सकता है
नाइट्रेट और नाइट्रिक ऑक्साइड से जुड़ी प्रक्रियाएं शरीर में ऑक्सीजन के इस्तेमाल और exercise response को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ शोधों में नाइट्रेट लेने के बाद exercise के दौरान रक्तचाप में वृद्धि कम और exercise के बाद systolic blood pressure में गिरावट अधिक देखी गई है।
इस आधार पर चुकंदर शारीरिक गतिविधि के दौरान performance और recovery को सपोर्ट करने वाली डाइट का हिस्सा हो सकता है, हालांकि इसे ऊर्जा देने वाले किसी विशेष इलाज या सप्लीमेंट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
6. शरीर को एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मिलते हैं
चुकंदर का लाल रंग betalains नामक प्राकृतिक pigments से आता है। इनमें betanin जैसे यौगिक शामिल हैं। वैज्ञानिक शोध में betalains के antioxidant और anti-inflammatory गुणों का अध्ययन किया गया है।
हालांकि laboratory और preclinical findings को सीधे मनुष्यों में बीमारी की रोकथाम का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसलिए चुकंदर में मौजूद इन यौगिकों को स्वस्थ आहार का हिस्सा समझना अधिक उचित है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।
7. दिल और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी डाइट का हिस्सा
चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट और उससे बनने वाला नाइट्रिक ऑक्साइड cardiovascular function से जुड़े हैं। विभिन्न clinical trials और systematic reviews में चुकंदर के जूस और dietary nitrate के blood pressure पर प्रभाव का अध्ययन किया गया है।
विशेष रूप से systolic blood pressure में कमी के संकेत मिले हैं। लेकिन चुकंदर को हृदय रोग की दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं लेने वाले व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
8. एक्सरसाइज के बाद दर्द और मांसपेशियों की कार्यक्षमता पर असर
चुकंदर से मिलने वाले नाइट्रेट पर हुए अध्ययनों में exercise के बाद muscle soreness और functional recovery को भी देखा गया है। एक systematic review में ज्यादातर अध्ययनों में कुछ functional measures और muscle soreness में बेहतर recovery के संकेत मिले, हालांकि oxidative stress और inflammation के सभी markers में समान फायदा नहीं मिला।
इसलिए चुकंदर से recovery का संभावित लाभ मुख्य रूप से कुछ मांसपेशी-संबंधी मापदंडों तक सीमित माना जाना चाहिए।
9. शरीर को पोषण देने वाली सब्जियों में शामिल
चुकंदर को केवल उसके नाइट्रेट के लिए ही नहीं, बल्कि एक सब्जी के रूप में भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें फाइबर और कई micronutrients के साथ प्राकृतिक plant compounds मौजूद होते हैं। इसलिए इसे संतुलित आहार में शामिल करना भोजन की विविधता बढ़ाने का एक तरीका है।
हालांकि केवल चुकंदर खाने से किसी एक पोषक तत्व की कमी पूरी होने की गारंटी नहीं होती। शरीर को अलग-अलग सब्जियों, फलों, दालों, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों से विविध पोषण मिलता है।
10. दिमाग और याददाश्त के लिए क्या कहती है रिसर्च?
चुकंदर के नाइट्रेट और brain blood flow के बीच संबंध को लेकर भी शोध हुआ है। कुछ छोटे अध्ययनों में नाइट्रेट लेने के बाद मस्तिष्क के रक्त प्रवाह या कुछ cognitive tasks में बदलाव देखे गए हैं।
लेकिन लंबे समय तक चुकंदर का जूस लेने से cognitive function में सुधार के प्रमाण एक जैसे नहीं हैं। 2022 के 13 सप्ताह के एक randomized trial में 60 से 75 वर्ष के overweight या obese प्रतिभागियों में nitrate-rich beetroot juice लेने से cognitive function या cerebral blood flow में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं मिला।
इसलिए चुकंदर को दिमाग तेज करने या याददाश्त बढ़ाने वाली निश्चित चीज बताना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा।
चुकंदर खाने पर किन बातों का ध्यान रखें
चुकंदर स्वास्थ्यवर्धक सब्जी हो सकता है, लेकिन इसके सेवन को किसी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं देखना चाहिए। खासकर हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को चुकंदर या concentrated beetroot juice को नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है, क्योंकि शोध में blood pressure कम होने का प्रभाव देखा गया है।
चुकंदर खाने या उसका जूस पीने के बाद पेशाब या मल का रंग लाल या गुलाबी दिखाई दे सकता है। यह चुकंदर के प्राकृतिक pigments की वजह से हो सकता है। वहीं, किसी व्यक्ति को पहले से kidney stone या अन्य विशेष स्वास्थ्य समस्या है तो नियमित या अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।














