नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तनुश्री ने अभिनेता के लिए ‘इविल डेड’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो साझा किया, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। अब ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी उनके बयान की कड़ी निंदा की है। संगठन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने इसे सस्ती पब्लिसिटी से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे मौके पर शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए। इस विवाद में तनुश्री ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि वह जिन परिस्थितियों और दर्द से गुजरी हैं, उन्हें वही समझ सकती हैं। अभिनेत्री ने अपने मामले से जुड़े पांच साल तक चले केस, कथित धमकियों और दबाव का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपना केस वापस नहीं लिया था। इस तरह नाना पाटेकर को लेकर की गई टिप्पणी पर उठे सवालों के बीच दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं।
AICWA ने बयान को बताया अनुचित, अध्यक्ष ने की कड़ी आलोचना
ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने अपने आधिकारिक बयान में नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता की ओर से ‘इविल डेड’ शब्द इस्तेमाल किए जाने की निंदा की। संगठन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने भी एक वीडियो जारी कर अभिनेत्री के बयान पर आपत्ति जताई।
गुप्ता ने कहा कि नाना पाटेकर एक सम्मानित अभिनेता थे और उन्होंने अभिनय के अलावा समाज सेवा के क्षेत्र में भी काम किया था। उन्होंने पद्मश्री सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि अभिनेता के निधन पर देशभर में शोक व्यक्त किया जा रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं था। AICWA अध्यक्ष ने तनुश्री के बयान को उनकी सोच से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई और उनके योगदान को बताने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की टिप्पणी की जरूरत नहीं है।
‘आपकी वजह से पूरी इंडस्ट्री का नाम खराब हो रहा है’
सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तनुश्री दत्ता पर आरोप लगाया कि उन्होंने सस्ती पब्लिसिटी के लिए ऐसा समय चुना, जब नाना पाटेकर के निधन पर लोग उन्हें याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी के निधन के मौके पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल फिल्म इंडस्ट्री की परंपराओं के अनुरूप नहीं है। गुप्ता ने अपने बयान में तनुश्री को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपनी गतिविधियां जारी रख सकती हैं, लेकिन नाना पाटेकर के बारे में की गई टिप्पणी से भारतीय फिल्म जगत की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिनेत्री की राय व्यक्तिगत हो सकती है, लेकिन उसे व्यक्त करने के लिए मौके और शब्दों का ध्यान रखना चाहिए था। AICWA अध्यक्ष ने नाना पाटेकर के परिवार और उन्हें याद करने वाले लोगों की भावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी टिप्पणी सुनकर अभिनेता के परिवार पर क्या बीत सकती है। संगठन ने अपने आधिकारिक रुख में दोहराया कि वह तनुश्री के बयान की कड़ी निंदा करता है।
तनुश्री दत्ता ने बताई अपने बयान की वजह
AICWA की आलोचना और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बीच तनुश्री दत्ता ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह जिस दौर से गुजरी हैं, उसका दर्द कोई दूसरा व्यक्ति पूरी तरह नहीं समझ सकता। अभिनेत्री के मुताबिक, उनका केस पांच साल तक चला और इस दौरान उन पर कथित तौर पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। तनुश्री ने दावा किया कि उन्हें लालच दिया गया और धमकियां भी मिलीं, लेकिन उन्होंने केस वापस नहीं लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें परेशान करने के लिए गाड़ी का एक्सीडेंट कराने से लेकर फूड पॉइजनिंग तक की कोशिश की गई। अपने बयान में अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि ‘इविल डेड’ शब्द का इस्तेमाल उन्होंने उन परिस्थितियों और अनुभवों के संदर्भ में किया, जिनसे गुजरने का वह दावा करती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं और उन्होंने अपनी बात अपने नजरिए से कही थी।
विवाद में दोनों पक्षों के बयान आए सामने
इस मामले में AICWA ने जहां नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए उसकी आलोचना की, वहीं अभिनेत्री ने अपने पुराने अनुभवों का हवाला देकर अपने शब्दों का अर्थ समझाने की कोशिश की है। गुप्ता ने अपने बयान में नाना पाटेकर के अभिनय और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए उनके प्रति सम्मान की बात कही। दूसरी ओर, तनुश्री ने अपने केस और उससे जुड़े कथित दबाव तथा परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके अनुभवों को समझे बिना उनकी टिप्पणी का आकलन नहीं किया जा सकता।














