नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार उन्हें अपने-अपने अंदाज में याद कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मनीषा कोइराला ने भी सोशल मीडिया पर अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर का गोवा स्थित घर पर निधन हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। सुबह करीब 5:20 बजे उनके निधन की पुष्टि हुई।
नाना के जाने के बाद मनीषा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा का महान कलाकार, शानदार व्यक्तित्व और अभिनय का दिग्गज बताया। अपने संदेश में अभिनेत्री ने नाना के अभिनय कौशल, सिनेमा में उनके योगदान और अपने काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया। पोस्ट के अंत में उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए ‘ओम शांति’ लिखा।
मनीषा का यह संदेश नाना के साथ उनके पुराने फिल्मी जुड़ाव की वजह से भी खास है। दोनों ने 1990 के दशक में एक साथ कई फिल्मों में काम किया था और उस दौरान उनकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी के साथ-साथ निजी रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, दोनों के कथित रिश्ते से जुड़ी कई बातें उस दौर की मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं पर आधारित थीं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।
‘अग्नि साक्षी’ में पहली बार साथ नजर आए थे नाना और मनीषा
नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला ने पहली बार ‘अग्नि साक्षी’ में साथ काम किया था। पार्थो घोष के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मनीषा ने शिवांगी, जैकी श्रॉफ ने सूरज और नाना ने विश्वनाथ का किरदार निभाया था। कहानी शिवांगी नाम की महिला के इर्द-गिर्द थी, जिसकी नई जिंदगी के बीच उसका अतीत फिर सामने आ जाता है। नाना का किरदार खुद को शिवांगी का लापता पति बताता है। उनका जुनूनी व्यवहार और खौफनाक मौजूदगी फिल्म के तनाव को बढ़ाती थी, जबकि मनीषा का किरदार अपने अतीत और वर्तमान के बीच जूझता दिखाई देता था। फिल्म में दोनों कलाकारों के बीच के दृश्यों को दर्शकों ने पसंद किया था। इसी फिल्म के बाद दोनों की निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हुआ।
लेखक रणबीर पुष्प ने भी दोनों की बॉन्डिंग पर की थी बात
फिल्म के स्क्रीनराइटर रणबीर पुष्प ने बाद में नाना और मनीषा के साथ काम करने के अनुभव का जिक्र किया था। उनके मुताबिक दोनों कलाकार एक-दूसरे को अभिनय के स्तर पर अच्छी तरह समझते थे। वे अपने दृश्यों को लेकर पहले बातचीत करते थे और उनकी आपसी समझ का असर पर्दे पर भी दिखाई देता था। हालांकि, रणबीर पुष्प ने यह भी स्पष्ट किया था कि उन्होंने दोनों के बीच किसी रोमांटिक रिश्ते को खुद नहीं देखा था। उनके मुताबिक दोनों की नजदीकियों से जुड़ी चर्चाएं बाद में मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्मी गलियारों की बातों के जरिए ज्यादा सामने आईं। इसलिए उनके कथित रिश्ते से जुड़ी कई बातें रिपोर्ट्स और चर्चाओं तक ही सीमित रहीं।
‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में पिता-बेटी बने थे दोनों
‘अग्नि साक्षी’ के बाद नाना और मनीषा संजय लीला भंसाली की पहली निर्देशित फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में भी साथ दिखाई दिए। हालांकि इस बार दोनों के किरदारों का रिश्ता पूरी तरह अलग था। फिल्म में मनीषा ने एनी ब्रैगांजा की भूमिका निभाई थी, जबकि नाना ने उनके पिता जोसेफ ब्रैगांजा का किरदार निभाया। सलमान खान फिल्म में राज की भूमिका में थे, जिसे एनी से प्यार हो जाता है। गोवा की पृष्ठभूमि पर बनी इस कहानी में एक मूक-बधिर दंपति और उनकी बेटी के जीवन को केंद्र में रखा गया था। ‘खामोशी’ मनीषा के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हुई। उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस भी मिला। इस फिल्म ने यह भी दिखाया कि नाना और मनीषा एक-दूसरे के साथ बिल्कुल अलग तरह के किरदारों में भी प्रभावी दिखाई दे सकते हैं।
निजी रिश्ते की खबरों ने भी खूब खींचा था ध्यान
1990 के दशक में नाना और मनीषा के बीच कथित प्रेम संबंध को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं। कहा जाता रहा कि ‘अग्नि साक्षी’ में साथ काम करने के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए थे। उस समय दोनों अपने-अपने करियर में स्थापित नाम थे और नाना की शादीशुदा जिंदगी भी इस चर्चा का हिस्सा बनी। हालांकि, इन खबरों को लेकर उपलब्ध जानकारी का बड़ा हिस्सा मीडिया रिपोर्ट्स और बाद में सामने आए इंटरव्यू या संस्मरणों पर आधारित रहा। इसलिए दोनों के कथित रिश्ते से जुड़ी सभी बातों को पुष्ट तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं है।
नाना पाटेकर की शादी नीलकांती पाटेकर से हुई थी। दोनों के लंबे समय से अलग रहने की खबरें आती रही थीं, लेकिन वे कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं थे। उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी यह स्थिति भी उस दौर में नाना और मनीषा के कथित रिश्ते को लेकर होने वाली चर्चाओं में शामिल रही।
नाना ने भी मनीषा के बारे में की थी बात
सालों बाद नाना पाटेकर ने कुछ मौकों पर मनीषा कोइराला के बारे में बात की थी। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने उन्हें बेहद संवेदनशील अभिनेत्री बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों के अलग होने के बाद उन्हें मनीषा की कमी महसूस होती थी। समय के साथ दोनों कलाकारों के रास्ते अलग हो गए। मनीषा ने आगे ‘दिल से..’, ‘कंपनी’ और ‘एस्केप फ्रॉम तालिबान’ जैसी फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। दूसरी ओर, नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के साथ मराठी फिल्मों और थिएटर में भी सक्रिय रहे।
श्रद्धांजलि में पुरानी चर्चाओं के बजाय कलाकार को याद किया
नाना पाटेकर के निधन के बाद मनीषा की पोस्ट में उनके पुराने कथित रिश्ते से जुड़ी चर्चाओं का कोई उल्लेख नहीं था। अभिनेत्री ने अपने संदेश को पूरी तरह नाना के कलाकार के रूप में योगदान, उनकी अभिनय प्रतिभा और सिनेमा के प्रति समर्पण तक सीमित रखा। उनकी श्रद्धांजलि में नाना के साथ जुड़े पुराने व्यक्तिगत अध्यायों के बजाय भारतीय सिनेमा में उनके काम को याद किया गया। एक दौर में जिन दोनों कलाकारों के नाम को लेकर फिल्मी गलियारों में चर्चाएं होती थीं, नाना के निधन के बाद मनीषा ने उन्हें एक महान अभिनेता के तौर पर याद करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की।














