चेहरा साफ होने के बावजूद अगर त्वचा थकी, बेजान या अपनी सामान्य चमक से कम नजर आ रही है, तो इसका कारण केवल नींद की कमी नहीं हो सकता। शरीर में पानी की कमी, त्वचा की ऊपरी सतह पर जमा मृत कोशिकाएं, धूप के संपर्क में अधिक रहना, त्वचा का रूखापन और जरूरत से ज्यादा सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल भी चेहरे को बेजान दिखा सकता है।
ऐसे में एक साथ बहुत सारे उत्पाद लगाने के बजाय कुछ दिनों के लिए त्वचा की देखभाल को सरल बनाना उपयोगी हो सकता है। सात दिनों की इस देखभाल का उद्देश्य त्वचा को पर्याप्त नमी देना, धूप से बचाना, अनावश्यक रगड़ और जलन से बचना तथा त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को बेहतर स्थिति में रखना है। हालांकि, केवल सात दिनों में त्वचा में पूरी तरह बदलाव की गारंटी नहीं दी जा सकती।
पहला दिन: त्वचा की देखभाल को सरल बनाएं
पहले दिन अपनी त्वचा की देखभाल की दिनचर्या को थोड़ा सरल करें। सुबह और रात चेहरे को किसी हल्के और त्वचा के अनुकूल क्लींजर से साफ करें। इसके बाद अपनी त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।
अगर आप एक साथ कई सीरम, स्क्रब, त्वचा की ऊपरी परत हटाने वाले उत्पाद या दूसरे सक्रिय पदार्थ वाले उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं और त्वचा में खिंचाव, जलन या लालिमा महसूस हो रही है, तो कुछ दिनों के लिए सामान्य और हल्की देखभाल अपनाना बेहतर हो सकता है।
बहुत ज्यादा उत्पादों का इस्तेमाल या बार-बार त्वचा को रगड़ना उसकी प्राकृतिक सुरक्षा परत को प्रभावित कर सकता है।
दूसरा दिन: त्वचा में नमी बनाए रखें
त्वचा में पानी की कमी होने पर चेहरा रूखा, थका हुआ और कम चमकदार दिखाई दे सकता है। इसलिए दूसरे दिन सबसे ज्यादा ध्यान त्वचा में नमी बनाए रखने पर दें।
चेहरा साफ करने के बाद ऐसा मॉइस्चराइजर लगाएं जो आपकी त्वचा के प्रकार के अनुकूल हो। बहुत रूखी त्वचा के लिए थोड़ा गाढ़ा मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है, जबकि तैलीय त्वचा के लिए हल्का मॉइस्चराइजर बेहतर विकल्प हो सकता है।
पर्याप्त पानी पीना भी शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन केवल ज्यादा पानी पीने से ही चेहरे की चमक लौटने की गारंटी नहीं होती। त्वचा की बाहरी परत में नमी बनाए रखने के लिए उचित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण है।
तीसरा दिन: धूप से बचाव को बनाएं जरूरी आदत
चेहरे की बेजान रंगत और असमान त्वचा के पीछे धूप का भी योगदान हो सकता है। लंबे समय तक पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहने से त्वचा में रंगत का असमान होना, खुरदरापन और समय से पहले उम्र बढ़ने जैसे बदलाव हो सकते हैं।
इसलिए सुबह त्वचा की देखभाल पूरी करने के बाद सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। इसे केवल चेहरे पर ही नहीं, बल्कि गर्दन और उन हिस्सों पर भी लगाएं जो धूप के संपर्क में आते हैं।
अगर आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं, तो सनस्क्रीन को उसके निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाना भी जरूरी हो सकता है।
चौथा दिन: मृत कोशिकाएं हटाने में जल्दबाजी न करें
त्वचा की ऊपरी सतह पर मृत कोशिकाएं जमा होने से चेहरा कुछ लोगों में खुरदरा और बेजान दिखाई दे सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रोजाना चेहरे पर स्क्रब करना शुरू कर दिया जाए।
त्वचा की जरूरत के अनुसार हल्के रासायनिक एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये त्वचा की ऊपरी मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन इन्हें धीरे-धीरे इस्तेमाल करना चाहिए।
बहुत संवेदनशील, रूखी या पहले से जलन वाली त्वचा पर ऐसे उत्पाद परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसलिए सात दिनों की देखभाल के दौरान एक साथ कई तरह के एक्सफोलिएटर या स्क्रब इस्तेमाल करने से बचें।
अगर किसी उत्पाद को लगाने के बाद जलन, लालिमा या ज्यादा रूखापन महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है।
पांचवां दिन: चमक के लिए बहुत सारे उत्पाद न लगाएं
चेहरा बेजान दिखने पर कई लोग एक साथ विटामिन सी, नायसिनामाइड, रेटिनॉल, एएचए और दूसरे सक्रिय पदार्थ वाले उत्पाद लगाने लगते हैं। ऐसा करना जरूरी नहीं है।
त्वचा की जरूरत के अनुसार विटामिन सी या नायसिनामाइड जैसे पदार्थ त्वचा की देखभाल में शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन कई नए उत्पाद एक साथ शुरू करने से त्वचा में जलन हो सकती है।
अगर आप पहले से कोई ऐसा उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे आपकी त्वचा अच्छी तरह सहन कर रही है, तो सात दिनों के दौरान केवल उसी नियमित दिनचर्या को जारी रखना बेहतर हो सकता है। बार-बार नए उत्पाद बदलने से यह समझना भी मुश्किल हो जाता है कि त्वचा किस उत्पाद पर कैसी प्रतिक्रिया दे रही है।
छठा दिन: त्वचा को दें आराम
छठे दिन त्वचा को अतिरिक्त उपचार देने के बजाय उसे आराम देने पर ध्यान दें। चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करें, मॉइस्चराइजर लगाएं और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
अगर त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो जाए, तो रूखापन, जलन, लालिमा और खुरदरापन बढ़ सकता है। इसलिए हर बार चेहरे की बेजान रंगत को दूर करने के लिए स्क्रब या दूसरे तेज उत्पादों का इस्तेमाल करना सही नहीं है।
कई बार त्वचा को पर्याप्त नमी देना और अनावश्यक उत्पादों से दूर रखना भी देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
सातवां दिन: त्वचा में आए बदलाव को समझें
सातवें दिन अपनी त्वचा को ध्यान से देखें। क्या पहले की तुलना में रूखापन कम हुआ है? क्या त्वचा ज्यादा मुलायम महसूस हो रही है? क्या खिंचाव या जलन कम हुई है?
केवल चेहरे की चमक देखकर किसी एक उत्पाद को प्रभावी मान लेना सही नहीं होगा। त्वचा की स्थिति कई चीजों पर निर्भर करती है और हर व्यक्ति की त्वचा अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकती है।
अगर सात दिनों में त्वचा ज्यादा नम, मुलायम और आरामदायक महसूस होती है, तो इसी सरल देखभाल की दिनचर्या को आगे भी जारी रखा जा सकता है। त्वचा की देखभाल में नियमितता बहुत महत्वपूर्ण है।
किन गलतियों से बचना चाहिए
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए नींबू का रस, बेकिंग सोडा या बिना मिलाए तेज सुगंध वाले तेल जैसे घरेलू पदार्थ त्वचा पर लगाने से बचें। इसी तरह रोजाना तेज स्क्रब करना, कई तरह के त्वचा की ऊपरी परत हटाने वाले उत्पादों को एक साथ इस्तेमाल करना या जलन होने के बावजूद किसी उत्पाद को लगाते रहना नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर त्वचा लगातार लाल रहती है, खुजली होती है, बहुत ज्यादा रूखी रहती है या बार-बार पपड़ी बनती है, तो केवल घरेलू सौंदर्य उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
सात दिनों की यह देखभाल त्वचा को अचानक बदलने का कोई जादुई तरीका नहीं है। इसका उद्देश्य त्वचा की देखभाल को सरल बनाना, पर्याप्त नमी बनाए रखना, धूप से बचाव करना और जरूरत से ज्यादा उत्पादों के इस्तेमाल से बचना है। लंबे समय तक स्वस्थ और बेहतर दिखने वाली त्वचा के लिए अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार नियमित देखभाल जरूरी है।













