अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष, मिडिल ईस्ट में 200 अमेरिकी सैनिक घायल, 13 की मौत

अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद मिडिल ईस्ट के सात देशों में लगभग 200 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। यह जानकारी सोमवार को अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता ने दी।

घायल और मृतक अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी संट्रल कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि इनमें से अधिकांश चोटें मामूली हैं। करीब 180 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि 10 सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं। हॉकिन्स ने कहा कि अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है।

सैनिकों को लगी चोटें बहरीन, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में दर्ज की गई हैं। पेंटागन ने 10 मार्च को घायल सैनिकों की संख्या लगभग 140 बताई थी। अमेरिकी सैन्य हताहतों में सात हमलों और एक इराक में विमान दुर्घटना शामिल है।
ईरान का जवाबी हमला

28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के खिलाफ एक बड़े हवाई अभियान की शुरुआत की। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला चलाई। इन हमलों में उन देशों को निशाना बनाया गया जहाँ अमेरिकी सैन्य अड्डे या तैनात सैनिक मौजूद हैं।

कतर के अल-उदीद बेस पर ईरानी हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत 57वां हमला किया। इस हमले में इजरायल के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें कमांड, कंट्रोल और मिसाइल डिफेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे।

IRGC ने यह भी दावा किया कि कतर के अल-उदीद बेस पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 14 में से 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। एक मिसाइल एक ऐसे इलाके में गिरी जहाँ कोई आबादी नहीं थी और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।