‘हमलावर के पास थी खतरनाक गन, एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को लगी गोली’, वॉशिंगटन फायरिंग पर ट्रंप का बड़ा बयान

वॉशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि हमलावर के पास बेहद शक्तिशाली हथियार था और हमले के दौरान एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को गोली भी लगी। हालांकि, एजेंट ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई। ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सीक्रेट सर्विस के जवानों ने बहादुरी और तत्परता के साथ स्थिति को संभाला और वे उन पर गर्व करते हैं।

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने घटना से जुड़े कई अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुष्टि की कि हमलावर ने बेहद नजदीक से फायरिंग की थी, लेकिन सुरक्षाकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट ने गोली का असर कम कर दिया। ट्रंप के मुताबिक, “गोली बहुत करीब से चलाई गई थी और हथियार भी काफी पावरफुल था, लेकिन सुरक्षा उपकरणों ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।”

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि संदिग्ध के पास एक से अधिक हथियार मौजूद थे, जिन्हें वह सुरक्षा घेरे में प्रवेश से पहले इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता था। ट्रंप ने इस घटना का जिक्र करते हुए 2024 में पेंसिल्वेनिया में उन पर हुए हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा, “उस समय भी हमलावर मेरे बेहद करीब पहुंच गया था, और आज की घटना ने उस खतरनाक पल की याद ताजा कर दी।”
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने हमलावर को “हत्या का प्रयास करने वाला” बताते हुए कहा कि उसकी मंशा बेहद गंभीर थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जांच के बावजूद वह व्यक्ति किसी तरह अंदर घुसने में कामयाब रहा, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ट्रंप के अनुसार, “वह व्यक्ति सुरक्षा चौकी को पार कर अंदर पहुंच गया था, और उसके पास कई हथियार थे, जो चिंता का विषय है।”

ट्रंप ने आगे कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिस इमारत में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था, वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती। उनके शब्दों में, “हमने आज रात की सभी परिस्थितियों का आकलन किया है, और मुझे कहना होगा कि यह कोई अत्यधिक सुरक्षित स्थान नहीं था।”

इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं और जांच जारी है कि आखिर हमलावर इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हथियारों के साथ अंदर कैसे पहुंचा। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।