कतर: दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट पर ईरान का हमला, कई मिसाइलें दागी गईं

फारस की खाड़ी में ऊर्जा संरचनाओं पर हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। कतर की रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी, जो दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात केंद्रों में से एक है, को हाल ही में गंभीर नुकसान उठाना पड़ा। यह प्लांट वैश्विक आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, जो इस महीने की शुरुआत में उत्पादन रुकने से पहले लगातार काम कर रहा था।

कतर अधिकारियों ने बुधवार देर रात जानकारी दी कि चार मिसाइलों को समय रहते नष्ट कर दिया गया, लेकिन पांचवीं ईरानी मिसाइल सीधे रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी को लक्षित कर गई।

कर्मचारियों की सुरक्षा और आग पर नियंत्रण

कतर एनर्जी ने बताया कि प्लांट के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हमले से कई घंटे पहले ही परिसर को खाली कर दिया गया था। कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और इमरजेंसी टीमें सक्रिय रही।

कतर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इसे गंभीर आक्रामकता और राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। इसके जवाब में कतर ने ईरानी सैन्य और सुरक्षा अटैची सहित संबंधित स्टाफ को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दे दिया।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद और उत्पादन में रुकावट


अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद टैंकर यातायात प्रभावित हुआ और रस लाफान अन्य देशों से कट गया। महीने की शुरुआत में ईरानी ड्रोन हमले के कारण उत्पादन स्थगित कर दिया गया और कतर एनर्जी ने डिलीवरी पर फोर्स मेज्योर लागू कर दिया। इससे वैश्विक एलएनजी बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हुई, और खरीदार वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में लग गए।

एशिया और यूरोप के बाजार पर इसका सबसे अधिक असर देखा गया, क्योंकि दोनों क्षेत्र बिजली उत्पादन के लिए आयातित गैस पर निर्भर हैं। हालिया हमलों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुलने के बाद आपूर्ति कितने समय तक प्रभावित रहेगी।
अबू धाबी का हबशान गैस प्लांट भी बंद

कुछ ही घंटों बाद अबू धाबी ने अपने हबशान गैस प्लांट को बंद कर दिया। रोके गए हमले के मलबे से वहां नुकसान पहुंचा। गुरुवार सुबह रस लाफान पर फिर हमला हुआ, जिसमें आग लगी। कतर अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने का काम जारी है।

ये घटनाएँ खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता की नई ऊँचाई को दर्शाती हैं। बुधवार को इज़राइल ने ईरान के विशाल साउथ पार्स गैस फील्ड पर भी हमला किया, जिससे कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ गईं।

ईरानी चेतावनी और वैश्विक प्रभाव

तेहरान ने स्पष्ट किया कि कतर, सऊदी अरब और यूएई के कई ऊर्जा स्थल अब टारगेट बन गए हैं। वुड मैकेंज़ी के यूरोप गैस और एलएनजी डायरेक्टर टॉम मार्जेक-मैंसर ने कहा कि रस लाफान पर जवाबी हमला वैश्विक प्राकृतिक गैस बाजार की सबसे बड़ी चिंता है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस औद्योगिक परिसर को कितना नुकसान पहुंचा, लेकिन गुरुवार को बाजार खुलते ही गैस और तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर्स ने 8% की वृद्धि दर्ज की और 111.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।

अबू धाबी और सऊदी अरब की सुरक्षा

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि हबशान प्लांट में कोई हताहत नहीं हुआ। यह दुनिया के सबसे बड़े ऑनशोर गैस प्रोसेसिंग प्लांटों में से एक है, जिसमें 14 ट्रेनें और रोजाना 60 अरब घन फुट से अधिक गैस उत्पादन क्षमता है, जो दक्षिण कोरिया की पूरी जरूरत पूरी कर सकती है।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन हमले को विफल कर दिया गया। वहीं, दक्षिण रियाद रिफाइनरी के पास बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरा।

रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी: खाड़ी का ऊर्जा हब


रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी 295 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है, जो न्यूयॉर्क शहर के एक तिहाई क्षेत्र के बराबर है। यहाँ एलएनजी प्रोसेसिंग के साथ-साथ गैस-टू-लिक्विड प्लांट, स्टोरेज, कंडेंसेट स्प्लिटर और तेल रिफाइनरी मौजूद हैं। यह खाड़ी क्षेत्र का प्रमुख ऊर्जा हब माना जाता है।