नए साल पर पाकिस्तान की धमकी, शुभकामनाओं की जगह चेतावनी; आसिम मुनीर के बयान से बढ़ी तल्खी

नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर आक्रामक बयानबाज़ी सामने आई है। जहां आमतौर पर नए साल के मौके पर शांति और सौहार्द की बातें की जाती हैं, वहीं पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने भारत का नाम लिए बिना कठोर चेतावनी जारी कर दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई, तो उसका “मजबूत और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान खुद भीतरू स्तर पर राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक संकट और बढ़ते आतंकवाद से जूझ रहा है।

जीएचक्यू में कार्यशाला के दौरान सख्त संदेश

पाकिस्तानी सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जनरल आसिम मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर्स (जीएचक्यू) में बलूचिस्तान पर आयोजित 18वीं राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और इसके लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। उनके शब्दों में दृढ़ता से कहीं अधिक चेतावनी का भाव झलक रहा था।

शांति की बात, लेकिन स्वर में आक्रामकता

अपने भाषण में आसिम मुनीर ने एक ओर तो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन दूसरी ओर उनका लहजा बेहद सख्त और चेतावनी भरा रहा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का यदि किसी भी स्तर पर उल्लंघन हुआ, तो उसका जवाब तत्काल और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। इस विरोधाभासी बयान ने एक बार फिर पाकिस्तान की नीति और मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बलूचिस्तान में हिंसा के लिए भारत समर्थित गुटों पर आरोप

पाक सेना प्रमुख ने बलूचिस्तान में जारी हिंसा को लेकर एक बार फिर भारत पर परोक्ष आरोप लगाए। बिना किसी ठोस सबूत के उन्होंने दावा किया कि ‘भारत समर्थित तत्व’ बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और विकास परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाने में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल आतंकवाद और अस्थिरता के खिलाफ अभियान जारी रखेंगे और प्रांत को अशांति से मुक्त कराया जाएगा।

भारत की ओर से तीखा पलटवार

पाकिस्तान की इस बयानबाज़ी के बीच भारत में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पाकिस्तान की कथित गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद पंजाब में भेजने की साजिश रच रही है।

पंजाब को अस्थिर दिखाने की कोशिश

बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी यादव ने बताया कि पाकिस्तान जानबूझकर ग्रेनेड हमलों जैसी घटनाओं को बढ़ावा देकर पंजाब को एक “अत्यधिक अशांत” राज्य के रूप में पेश करना चाहता है। उन्होंने इसे भारत के खिलाफ चलाए जा रहे छद्म युद्ध का हिस्सा करार दिया। डीजीपी के अनुसार, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने के पीछे मकसद राज्य में अशांति फैलाना है, जबकि इस नेटवर्क के संचालक उत्तरी अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों में बैठे हुए हैं।

पंजाब पुलिस की सतर्कता, हर साजिश नाकाम

गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि सीमा पार से आईएसआई द्वारा रची जा रही हर साजिश को पंजाब पुलिस लगातार नाकाम कर रही है। पुलिस थानों को निशाना बनाकर किए गए ग्रेनेड हमलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमावर्ती राज्य में शांति भंग करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की हर कोशिश को सख्ती से कुचल दिया जाएगा।