मध्य पूर्व में तनाव और जंग की स्थिति के बीच, इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान तेज कर दिया है। इजरायल लगातार ईरानी ठिकानों पर घातक हमले कर रहा है। इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल का संयुक्त अभियान उम्मीद से कहीं अधिक सफल रहा है और वर्तमान में इजरायल पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली स्थिति में है।
नेतन्याहू का कड़ा बयानप्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के बारे में कहा कि उनके लिए कोई जीवन बीमा नहीं है। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या इजरायल मुज्तबा खामेनेई या हिज़बुल्लाह नेता नईम कासिम को निशाना बनाएगा, तो नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा, मैं किसी भी आतंकवादी संगठन के नेताओं के लिए जीवन बीमा पॉलिसी नहीं बनाऊंगा।
ईरानी जनता के समर्थन मेंसत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियाँ तैयार कर रहे हैं, जिससे वे इस अत्याचारी शासन को चुनौती दे सकें। उन्होंने आगे कहा, हम रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बासिज बलों पर लगातार हमले कर रहे हैं और पूरी तरह सक्रिय हैं। ईरानी जनता के लिए स्वतंत्रता का रास्ता अब नज़दीक है। हम आपके साथ हैं और समर्थन कर रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय आपके हाथ में है।
क्षेत्रीय बदलाव और जंग का असरनेतन्याहू ने पत्रकारों को बताया कि इजरायल सीधे सत्ता परिवर्तन के लिए दबाव नहीं डालेगा। उन्होंने कहा, किसी को पानी तक ले जा सकते हैं, लेकिन उसे पीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। हम सर्वोत्तम परिस्थितियाँ बनाएंगे, जिनमें हवाई हमले भी शामिल हैं, ताकि जनता सड़क पर उतर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जंग पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल चुकी है। अब ईरान पहले जैसा नहीं रहा, मध्य पूर्व पहले जैसा नहीं रहा, और इजरायल भी पहले जैसा नहीं रहा।
इजरायल की रणनीति और छुपे हुए रहस्यअपने देश की रणनीति के बारे में बात करते हुए नेतन्याहू ने कहा, हम इंतजार नहीं करते, हम पहल करते हैं, हमला करते हैं और पूरी ताकत से ऐसा करते हैं। इस अभियान में हमारे पास कई सरप्राइज हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह गठबंधन पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप मेरे निजी मित्र हैं। हम लगभग रोज बातचीत करते हैं, खुलकर विचार साझा करते हैं और मिलकर निर्णय लेते हैं।
अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियानयह ध्यान देने योग्य है कि मुज्तबा खामेनेई के पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए थे। इसके बाद इजरायल ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' नामक अभियान शुरू किया, जिसमें अमेरिका भी शामिल था और उन्होंने इसे 'एपिक फ्यूरी' का नाम दिया। इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना और उसके मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना बताया गया है।