नेपाल के त्रिशूली इलाके में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई घर, दुकानें, वाहन और पुल पानी के तेज बहाव में बह गए। इसी बीच लक्ष्मी पांडेय का मिंट-ग्रीन रंग का दो मंजिला मकान सुरक्षित बच गया। इस घर का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
घर की मालकिन लक्ष्मी पांडेय ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार खुद को बेहद भाग्यशाली मानता है। उनके मुताबिक, बाढ़ का पानी घर के अंदर पहुंच गया था, जिसके बाद परिवार के लोग ऊपर की मंजिल पर चले गए। उन्होंने इसे अपने लिए दूसरे जन्म जैसा बताया।
दुकान से घर पहुंचे थे परिवार के लोगलक्ष्मी पांडेय के अनुसार, जिस समय बाढ़ आई, उस वक्त परिवार के सदस्य घर के पास मौजूद अपनी दुकान में थे। वह और उनके पति अपनी सास और बेटी को सुरक्षित निकालने के लिए घर पहुंचे थे। परिवार सास को ऊपर ले जाने के लिए मकान की ऊपरी मंजिल पर गया ही था कि पुराना पुल टूट गया और अचानक पानी का तेज बहाव आ गया।
लक्ष्मी ने बताया कि उस समय घर में कुल छह लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस भयावह स्थिति में परिवार के सभी सदस्यों का बच जाना उनके लिए बड़ी राहत की बात है।
चारों तरफ तबाही, फिर भी खड़ा रहा मकानफ्लैश फ्लड की रफ्तार इतनी तेज थी कि त्रिशूली क्षेत्र में कई इमारतें, दुकानें, वाहन और पुल इसकी चपेट में आ गए। इसके बावजूद लक्ष्मी पांडेय का हरे रंग का दो मंजिला घर काफी हद तक सुरक्षित रहा।
घर की तस्वीरों में आसपास का इलाका पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। कई इमारतें वहां मौजूद नहीं हैं और पुल भी बह चुके हैं। बाढ़ के कारण कई परिवारों को अपना घर और आजीविका छोड़कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है।
लोगों को पहले नहीं था इतनी बड़ी बाढ़ का अंदाजास्थानीय निवासी फूलमाया लामा ने बताया कि शुरुआत में इलाके के लोगों को ऐसी बड़ी तबाही की आशंका नहीं थी। लामा के मुताबिक, वह अपनी कपड़ों की दुकान खोलकर सफाई कर रही थीं, तभी उन्हें तिब्बत की ग्लेशियल झील के फटने और तिमुरे गांव के बहने की जानकारी मिली। स्याब्रुबेसी में भी तबाही की सूचना दी गई थी।
उन्होंने बताया कि लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही थी और पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही थी। इसके बाद उन्होंने खुद बाढ़ को अपनी आंखों के सामने आते देखा।
‘पानी पहाड़ जितना ऊंचा नजर आ रहा था’फूलमाया लामा ने बताया कि बाढ़ का पानी इतना ऊंचा दिखाई दे रहा था कि वह उन्हें पहाड़ जैसा नजर आया। इसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इस अफरा-तफरी में बुजुर्गों के साथ स्कूली बच्चे और स्कूल बसें भी मौजूद थीं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की चेतावनी दे रही पुलिस की गाड़ी भी बाढ़ के पानी में बह गई।
लामा ने बताया कि उनका अपना घर भी पूरी तरह नष्ट हो गया। उनका परिवार छह दिनों से गांव में किसी दूसरे व्यक्ति के घर में शरण लेकर रह रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं है कि आगे खाने-पीने का इंतजाम कैसे होगा और रहने के लिए जगह कहां मिलेगी।
आसपास के कई लोगों का अब तक पता नहींलामा के मुताबिक, उनके आसपास रहने वाले ज्यादातर लोग सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि उनके घर के पास रहने वाली एक महिला और उसका बेटा लापता हैं। पास के एक होटल में रहने वाले भाई-बहन और एक बुजुर्ग के बारे में भी जानकारी नहीं मिल पाई है।
उनके अनुसार, उनके घर के आसपास रहने वाले कुल पांच लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। ऐसे में एक ओर जहां त्रिशूली में बाढ़ की तबाही ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है, वहीं लक्ष्मी पांडेय का सुरक्षित बचा घर इस आपदा की तस्वीरों में खास तौर पर सामने आया है।