गरबा में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर रामेश्वर शर्मा ने उठाए सवाल, ‘लव जिहाद’ वाले बयान पर कांग्रेस-AIMIM का पलटवार

गरबा को लेकर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने गरबा को मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बल्कि देवी की आराधना और आस्था का केंद्र बताते हुए इसमें शामिल होने वालों से सनातन परंपराओं का सम्मान करने की अपील की। अपने बयान में उन्होंने दूसरे धर्म के युवकों के गरबा में आने और ‘लव जिहाद’ का भी जिक्र किया। शर्मा ने कहा कि अगर दूसरे धर्म के लोग गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें अपने परिवार की महिलाओं के साथ आना चाहिए और सनातन परंपराओं का पालन करना चाहिए।

रामेश्वर शर्मा ने गरबा की धार्मिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देवी सती की पूजा-अर्चना का एक रूप है। उनके मुताबिक, गरबा में सनातन आस्था रखने वाली महिलाएं, बहनें और बेटियां देवी जगदंबा की पूजा के लिए शामिल होती हैं। उन्होंने लोगों से इस आयोजन को केवल मनोरंजन या नाटक-प्रदर्शन के रूप में नहीं देखने की अपील की।

‘लव जिहाद’ का भी किया जिक्र

रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि दूसरे धर्मों के युवक गरबा में आकर हिंदू युवतियों का मजाक उड़ाते हैं या उन्हें फंसाकर ‘लव जिहाद’ जैसी हरकतें करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय के लोग गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें अपनी बहनों और माताओं के साथ आना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को सनातन धर्म में सच्ची आस्था और विश्वास है तो वह इस धर्म को अपना सकता है। शर्मा ने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन की आस्था की रक्षा के लिए उनके समर्थक और युवा तैयार हैं।

‘बेटियों को परेशान किया तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा’

बीजेपी विधायक ने अपने बयान में धार्मिक आयोजनों के दौरान महिलाओं को परेशान किए जाने की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए युवा तैयार खड़े हैं। शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई धार्मिक आयोजनों में आकर उनकी बेटियों को परेशान करता है तो उसे ‘मुंहतोड़ जवाब’ दिया जाएगा।

बाद में अपने बयान को स्पष्ट करते हुए शर्मा ने सवाल उठाया कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे हिंदू परिवार गरबा में अपनी मां और बहनों के साथ आते हैं, वैसे ही मुस्लिम समुदाय के लोग भी अपनी माताओं और बहनों के साथ आएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर गरबा में ‘लव जिहाद’ को लेकर कोई स्थिति बनती है और उसे तमाशा बनाया जाता है, तो युवा उसका प्रतिकार करने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने किया पलटवार

रामेश्वर शर्मा के बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान वैसे भी गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाते। अपने बयान में मसूद ने रामेश्वर शर्मा की टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने सुना था कि गरबा कार्यक्रम में सिर्फ इंसान जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब बहुत बदतमीजी हो गई है और इसमें सुधार होना चाहिए।

AIMIM ने भी साधा निशाना

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने भी रामेश्वर शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामेश्वर शर्मा जैसे लोग नफरत फैलाते हैं और भोपाल की फिजा खराब करना चाहते हैं।

मोहसिन नकवी ने भोपाल की सामाजिक संस्कृति का जिक्र करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहजीब वाला शहर बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी आरोप लगाया कि वह ऐसे लोगों को संरक्षण दे रहे हैं।

इस तरह गरबा में दूसरे धर्म के लोगों की भागीदारी, धार्मिक परंपराओं और ‘लव जिहाद’ के जिक्र से जुड़ा रामेश्वर शर्मा का बयान राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। एक ओर बीजेपी विधायक ने गरबा की धार्मिक प्रकृति और परंपराओं के सम्मान पर जोर दिया, वहीं कांग्रेस और AIMIM नेताओं ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए पलटवार किया।