बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और उसके नाबालिग दोस्त के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले के मुख्य आरोपी के तौर पर पहचाने गए नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया था और इसके बाद पुलिस ने जांच और आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोलीजमुई में छात्रा से बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव तक पहुंचने के बाद कार्रवाई की। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस मुठभेड़ के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। आरोप है कि उसने नाबालिग छात्रा के साथ बदसलूकी की थी। उसके साथ मौजूद नाबालिग दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी।
मामले में आरोपी घटना के बाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और अब उसके घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
19 सितंबर को छात्रा और उसके दोस्त को घेरा गया थायह मामला 19 सितंबर की शाम का बताया गया है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा अपने नाबालिग दोस्त के साथ कोचिंग से लौट रही थी। रात करीब पौने सात बजे कुछ युवकों ने दोनों को रास्ते में घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान छात्रा के साथ छेड़खानी की गई और उसके दोस्त के साथ मारपीट की गई।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने डर के कारण तत्काल FIR दर्ज नहीं कराई थी। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुई FIRवीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की और आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच के दौरान अब तक सात आरोपियों की पहचान होने की जानकारी दी गई है। इनमें तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
वहीं, मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस कार्रवाई में घायल होने की सूचना सामने आई है। मामले में बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है।
SIT ने संभाली जांच, घटनास्थल का भी लिया जायजामामले की जांच के लिए SIT को सक्रिय किया गया है। जांच के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उस स्थान का जायजा लिया, जहां नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई थी।
SIT ने घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी भी तेज कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
वीडियो वायरल करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाईइस मामले में पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और तलाश तक सीमित नहीं है। नाबालिग से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में भी कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले 120 सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच के दौरान 13 फेसबुक अकाउंट्स, 12 इंस्टाग्राम अकाउंट्स और सात ट्विटर हैंडल्स की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन अकाउंट्स से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
इस तरह जमुई मामले में पुलिस एक तरफ घटना में शामिल आरोपियों की तलाश और जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर नाबालिग से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की जा रही है।