'पैर अभी तक कांप रहे हैं...', 10 मिनट में 26000 फीट नीचे आया जापान एअरलाइंस का विमान; यात्रियों ने सुनाई आपबीती

'पैर अभी तक कांप रहे हैं...', ये शब्द उस खौफनाक पल की सच्चाई बयान करते हैं जिसे जीना कोई भी इंसान कभी नहीं चाहेगा। चीन के शंघाई से जापान के टोक्यो जा रही जापान एअरलाइंस की फ्लाइट अचानक नीचे गिरने लगी और महज 10 मिनट में 26,000 फीट तक नीचे आ गई। उस पल विमान में सवार 191 यात्रियों की सांसें मानो थम गईं और हर किसी की आंखों में एक ही सवाल था—क्या हम बच पाएंगे?

मौत को इतने करीब से देखना...


साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, जापान एअरलाइंस की यह फ्लाइट बोइंग 737 थी जो एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गई। सोमवार को यह फ्लाइट 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते 10 मिनट में विमान 26,000 फीट नीचे आ गया। जब वह 10,500 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, तो पायलट ने हिम्मत और होश से काम लिया और विमान को किसी तरह कंट्रोल करके कनसाई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवा दी।

पल-पल दिल दहला देने वाला था

विमान के अंदर उस समय जो माहौल था, वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। क्रू मेंबर्स ने जब यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क पहनने को कहा, तो कुछ यात्रियों ने डर और घबराहट में मास्क तक फेंक दिए। कुछ लोग प्रार्थना करने लगे, कुछ की आंखों में आंसू थे, और कुछ एक-दूसरे का हाथ थामे खुद को शांत रखने की कोशिश कर रहे थे।

'मैं अभी तक यकीन नहीं कर पा रहा हूं कि मैं जिंदा हूं'

एक यात्री ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, मेरा शरीर बेशक यहां है, लेकिन मेरी आत्मा अभी तक उस पल से बाहर नहीं आ पाई है। जब आपने मौत को इतनी नजदीक से देखा हो, तो हर सांस एक चमत्कार जैसी लगती है। मेरे पैर अब भी कांप रहे हैं।

थोड़ी राहत की खबर भी

इस भयावह घटना में कोई घायल नहीं हुआ, जो एक बड़ी राहत की बात रही। विमान को सुरक्षित ओसाका में लैंड करवा लिया गया। यात्रियों के लिए एक रात होटल में रुकने की व्यवस्था की गई और साथ ही उन्हें टोक्यो पहुंचने के लिए 15,000 येन (लगभग ₹8,700) का मुआवजा भी दिया गया। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस घटना की गहराई से जांच कर रही हैं।

बोइंग 737 का विवादित इतिहास फिर आया चर्चा में

यह घटना एक बार फिर बोइंग 737 की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर गई है। इससे पहले भी यह विमान दो बार हादसे का शिकार हो चुका है — एक बार 2023 में दक्षिण कोरिया के मुआन में लैंडिंग के दौरान, और दूसरी बार 2022 में चीन में, जब 132 यात्रियों के साथ प्लेन क्रैश हो गया था।