‘हमारे खिलाफ ऐसा कैसे बोल दिया’, इजराइल का पाकिस्तान पर तीखा पलटवार, ख्वाजा आसिफ के बयान पर भड़के

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इजरायल ने उनके कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तीखा विरोध जताया है और पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। यह विवाद ऐसे समय में और गहरा गया है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम को लेकर मध्यस्थता की चर्चा में है।

इजराइल ने पाकिस्तान के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति


इजराइल की ओर से जारी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा इजराइल के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है। बयान में कहा गया कि एक तरफ पाकिस्तान खुद को शांति का मध्यस्थ बताता है, वहीं दूसरी तरफ उसके शीर्ष नेता इस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे बयान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते, खासकर तब जब कोई देश खुद को शांति वार्ता में निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर रहा हो।

ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ा विवाद


पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है और इसी वजह से उसकी कूटनीतिक गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान 11 अप्रैल को शांति वार्ता की मेजबानी करने की तैयारी भी कर रहा है।

इसी बीच रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए इजराइल के खिलाफ बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने इजराइल को मानवता के लिए अभिशाप बताते हुए यूरोपीय यहूदियों से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख किया और तीखी भाषा का उपयोग किया।

आसिफ ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब एक ओर शांति वार्ता की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा और संघर्ष जारी है। उन्होंने गाजा, ईरान और लेबनान में हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए।
इजराइल के विदेश मंत्री ने भी दी प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ख्वाजा आसिफ के बयान को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसे आरोप और भाषा किसी भी तरह से उचित नहीं हैं, खासकर तब जब यह बयान एक ऐसे देश के मंत्री द्वारा दिया जा रहा हो जो खुद को शांति प्रक्रिया का हिस्सा बताता है।

गिदोन सार ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी न केवल कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित करती है, बल्कि क्षेत्रीय तनाव को भी और अधिक बढ़ा देती है।