कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और चर्चित पत्रकार ईशान थरूर की नौकरी चली गई है। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के तहत उन्हें भी काम से मुक्त कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखबार ने अपने कुल स्टाफ का करीब एक-तिहाई हिस्सा कम किया है। इस फैसले के तहत न सिर्फ सैकड़ों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं, बल्कि खेल विभाग और कई अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो भी बंद कर दिए गए हैं। इसी प्रक्रिया में ईशान थरूर का नाम भी शामिल हो गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट में काम कर रहे लगभग 800 पत्रकारों में से 300 से अधिक को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब ईशान थरूर ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ईशान थरूर ने क्या कहा?ईशान थरूर ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से बाहर कर दिया गया। मेरे साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय टीम के अधिकांश सदस्य और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मी भी इस छंटनी का शिकार हुए हैं। मुझे अपने न्यूज रूम और खास तौर पर उन शानदार पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अखबार को मजबूत पहचान दिलाई।” उन्होंने आगे कहा कि करीब 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे सिर्फ सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त भी बन गए थे। “उनके साथ काम करना मेरे लिए हमेशा गर्व और सम्मान की बात रहेगी,” ईशान ने भावुक अंदाज़ में लिखा।
“पांच लाख पाठकों का हमेशा आभारी रहूंगा”ईशान थरूर ने अपने लोकप्रिय कॉलम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य पाठकों को वैश्विक घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को बेहतर ढंग से समझाना था। उन्होंने लिखा, “मैं उन करीब पांच लाख वफादार पाठकों का दिल से शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने सालों तक हफ्ते में कई बार मेरे कॉलम को पढ़ा और उस पर भरोसा जताया।” ईशान ने माना कि पाठकों का यह समर्थन उनके पत्रकारिता सफर की सबसे बड़ी ताकत रहा है।
वॉशिंगटन पोस्ट में क्या थी ईशान की भूमिका?ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के वरिष्ठ लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक कूटनीति पर उनकी पैनी पकड़ के चलते उनका लेखन खासा पढ़ा जाता था। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में आ गए थे। इस घटना ने उन्हें सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां दिलाईं। अब उनके बाहर किए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने उन्हें एक सशक्त और ईमानदार पत्रकार बताया है और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले की खुलकर आलोचना की है।
“दुखद लेकिन जरूरी फैसला” – कार्यकारी संपादकवॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने छंटनी को लेकर बयान देते हुए कहा कि यह फैसला भावनात्मक रूप से कठिन जरूर है, लेकिन अखबार के भविष्य के लिए जरूरी भी था। उनके मुताबिक, मीडिया इंडस्ट्री में तेजी से बदलती तकनीक और पाठकों की आदतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि संस्थान को नई दिशा दी जा सके। गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अब तक अखबार कई बदलावों और पुनर्गठन के दौर से गुजर चुका है।