होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां ईरान ने भारत की ओर जा रहे एक मालवाहक समेत दो जहाजों को रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इन जहाजों को समुद्री नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में रोका गया है और अब उन्हें ईरानी तट की ओर ले जाया जा रहा है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को IRGC ने पहचान कर इंटरसेप्ट किया। बाद में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि गार्ड्स की नौसेना इकाई ने सुबह के समय ऐसे जहाजों को चिन्हित किया जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें तत्काल रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि जिन दो जहाजों को जब्त किया गया है, उनमें से एक भारत के गुजरात की ओर जा रहा एक मालवाहक जहाज भी शामिल है। ईरान ने इन दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने नेविगेशन सिस्टम में हेरफेर किया और इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाला।
इस बीच, होर्मुज क्षेत्र में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। बुधवार को ही सामने आई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इस इलाके में तीन अलग-अलग कंटेनर जहाजों पर हमले हुए हैं। UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO) के अनुसार, ईरानी गार्ड्स की एक गनबोट ने ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 15 नॉटिकल मील दूर एक जहाज पर फायरिंग की थी। यह जहाज ग्रीस की कंपनी का था और इसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि क्रू सुरक्षित रहा।
28 फरवरी के बाद से मध्य पूर्व में समुद्री गतिविधियों पर हमलों की संख्या लगातार बढ़ी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमलों की शुरुआत के बाद से इस क्षेत्र में जहाजों पर 30 से अधिक हमलों की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग रूट प्रभावित हुआ है।
इसी क्रम में ईरान ने पनामा के झंडे वाले ‘Euphoria’ जहाज को भी निशाना बनाया, जो UAE आधारित कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है। यह हमला ईरानी तट से लगभग आठ नॉटिकल मील दूर हुआ। UKMTO के अनुसार इस घटना में क्रू सुरक्षित रहा और जहाज को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
एक अन्य घटना में पनामा फ्लैग वाले MSC Francesca को भी निशाना बनाया गया, जो ईरान के तट से लगभग छह नॉटिकल मील की दूरी पर था और उस समय ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था। समुद्री सुरक्षा फर्म Vanguard की रिपोर्ट के अनुसार इस जहाज के बाहरी ढांचे और रहने वाले हिस्सों में नुकसान दर्ज किया गया है।
कुछ दिन पहले ही होर्मुज क्षेत्र में ईरानी गनबोट्स ने भारत का झंडा लगे दो जहाजों ‘जग अर्णव’ और ‘सनमार हेराल्ड’ पर भी गोलीबारी की थी। उस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया था। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपने समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। साथ ही यह भी याद दिलाया गया कि ईरान ने पहले भी भारत जाने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में सहयोग किया है।
मंत्रालय ने ईरान से आग्रह किया कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित और सुचारू मार्ग सुनिश्चित किया जाए। ईरानी राजदूत ने इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।