दुबई: शनिवार को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ईरान से छोड़े गए मिसाइल टुकड़ों की चपेट में आने से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। यूएई में करीब 40 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनमें ज्यादातर कामगार और व्यापारी हैं। इस घटना ने वहां रहने वाले भारतीयों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, यूएई सरकार ने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं और सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं।
शनिवार को ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमलाअमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर भीषण हवाई और मिसाइल हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने ईरानी नागरिकों से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की। ट्रंप ने कहा, “पिछले 47 सालों से ईरानी शासन ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ का नारा लगा रहा है और निर्दोष नागरिकों की हत्या करता रहा है। जब यह संकट समाप्त हो, तो ईरानी लोगों को अपने देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेना चाहिए।”
ट्रंप ने ईरान के साथ दुश्मनी का इतिहास याद करायाहमले की शुरुआत ईरान की राजधानी तेहरान में 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के परिसर के पास से हुई। अभी स्पष्ट नहीं है कि वह उस समय परिसर में थे या नहीं। तेहरान की विभिन्न जगहों से धुआं उठता देखा गया। ट्रंप ने वीडियो में बताया कि अमेरिका ने ईरान में ‘बड़े युद्ध अभियान’ की शुरुआत की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब भी अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रख रहा है और अमेरिका तक मारक क्षमता वाली मिसाइलें विकसित कर रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि हमलों में कुछ अमेरिकी नागरिकों की मौत हो सकती है क्योंकि युद्ध में यह सामान्य है। ट्रंप ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच उत्पन्न तनाव की कई घटनाओं का हवाला दिया।
इजरायल के प्रधानमंत्री का बयानइजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त अभियान देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, “यह संयुक्त ऑपरेशन बहादुर ईरानी लोगों को अपना भविष्य तय करने का अवसर देगा।” एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन, जिसे ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ कहा गया, में ईरान के सैन्य ठिकानों, सरकारी प्रतीकों और खुफिया संस्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरान की जवाबी कार्रवाईहमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। बहरीन, जॉर्डन, कतर, कुवैत और UAE के विभिन्न ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले दर्ज किए गए। इस तरह मध्य पूर्व में तनाव और भी बढ़ गया है, और क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह अस्थिर बनी हुई है।