एलन मस्क का सबसे बड़ा दांव! SpaceX ला रही इतिहास का सबसे विशाल IPO, वैल्युएशन 1.25 ट्रिलियन डॉलर

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर वैश्विक कारोबारी जगत में बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं। उनकी अंतरिक्ष तकनीक कंपनी SpaceX ने अब शेयर बाजार में उतरने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है। कंपनी ने नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग के लिए जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह आईपीओ इतिहास का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, SpaceX इस पेशकश के जरिए 50 से 75 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है। अगर ऐसा होता है तो कंपनी की कुल वैल्यू करीब 1.25 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

इतना ही नहीं, इस वैल्युएशन के साथ SpaceX अमेरिका की पहली ऐसी कंपनी बन सकती है, जो ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू पर सार्वजनिक रूप से शेयर बाजार में लिस्ट होगी। कंपनी का ट्रेडिंग सिंबल SPCX बताया जा रहा है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जून के मध्य तक इसकी लिस्टिंग पूरी हो सकती है। निवेशकों और टेक इंडस्ट्री की नजरें फिलहाल इस ऐतिहासिक आईपीओ पर टिकी हुई हैं।

रेवेन्यू में तेज उछाल, लेकिन घाटे ने बढ़ाई चिंता

SpaceX ने पहली बार अपनी विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट सार्वजनिक की है, जिसमें कंपनी की कमाई और खर्च से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 18.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 33 प्रतिशत ज्यादा है।

हालांकि बढ़ती कमाई के बावजूद कंपनी का घाटा भी तेजी से बढ़ा है। 2025 में SpaceX को 4.9 अरब डॉलर का शुद्ध नुकसान हुआ, जबकि 2024 में कंपनी ने 791 मिलियन डॉलर का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं 2026 की पहली तिमाही में भी कंपनी को 4.7 अरब डॉलर के राजस्व पर 4.3 अरब डॉलर का भारी घाटा उठाना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण कंपनी के खर्चों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, SpaceX का कुल खर्च बढ़कर 20.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना है।
अब AI सेक्टर पर बड़ा दांव लगा रही कंपनी

SpaceX अब केवल स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी बनकर नहीं रहना चाहती। एलन मस्क इसे भविष्य की AI पावर कंपनी के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। फरवरी 2026 में मस्क की AI कंपनी xAI के साथ मर्जर के बाद SpaceX ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस तेज कर दिया है।

कंपनी की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करना है। SpaceX का दावा है कि स्पेस-बेस्ड डेटा सेंटर पारंपरिक डेटा सेंटर की तुलना में ज्यादा प्रभावी होंगे। अंतरिक्ष में बेहतर कूलिंग सिस्टम, लगातार सोलर एनर्जी और वैश्विक स्तर पर तेज कम्युनिकेशन जैसी सुविधाएं इसे भविष्य के लिए बेहतर विकल्प बना सकती हैं।

इसी दिशा में कंपनी Tesla के साथ मिलकर ‘टेराफैब’ नाम की एक अत्याधुनिक चिप निर्माण फैक्ट्री पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि यह परियोजना AI तकनीक और सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।

Starlink बना कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा आधार

SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink अब कंपनी के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बन चुकी है। लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट नेटवर्क पर आधारित यह सेवा दुनियाभर में तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, Starlink के जरिए इंटरनेट और कनेक्टिविटी बाजार का आकार करीब 1.6 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है।

वहीं AI आधारित एंटरप्राइज एप्लीकेशन मार्केट का आकार लगभग 22.7 ट्रिलियन डॉलर बताया गया है। कुल मिलाकर SpaceX लगभग 28.5 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार को टार्गेट कर रही है, जिसमें AI का हिस्सा सबसे ज्यादा यानी 26.5 ट्रिलियन डॉलर का है।

बोर्ड और कंपनी पर मस्क का पूरा नियंत्रण

फाइलिंग दस्तावेजों से यह भी साफ हुआ है कि SpaceX में एलन मस्क का नियंत्रण बेहद मजबूत बना हुआ है। उनके पास कंपनी के 50 प्रतिशत से अधिक शेयर मौजूद हैं और वोटिंग पावर लगभग 85.1 प्रतिशत है। मौजूदा वैल्युएशन के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी 635 अरब डॉलर से ज्यादा की मानी जा रही है।

कंपनी के बोर्ड में मस्क के अलावा SpaceX की प्रेसिडेंट ग्वेने शॉटवेल, CFO ब्रेट जॉनसन, वेंचर कैपिटलिस्ट स्टीव जुर्वेट्सन और Google से जुड़े डोनाल्ड हैरिसन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

मस्क की सैलरी कम, लेकिन दांव बेहद बड़ा

दिलचस्प बात यह है कि एलन मस्क का वार्षिक वेतन सिर्फ 54,080 डॉलर बताया गया है। हालांकि उनकी असली कमाई कंपनी के प्रदर्शन आधारित शेयर अवॉर्ड्स से जुड़ी हुई है।

इन लक्ष्यों में मंगल ग्रह पर दस लाख लोगों की कॉलोनी बसाने और SpaceX का मार्केट कैप 7.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने जैसी बेहद महत्वाकांक्षी शर्तें शामिल हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के निवेशक और टेक एक्सपर्ट्स इस आईपीओ को सिर्फ एक कारोबारी कदम नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी रेस का बड़ा मोड़ मान रहे हैं।