तेल सौदे की आड़ में ट्रंप की मनमानी, वेनेजुएला पर अमेरिकी शर्तों का शिकंजा और कसा

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पर अपना प्रभाव खुलकर दिखाना शुरू कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया और बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि वेनेजुएला को अब नए तेल समझौते से मिलने वाली रकम केवल अमेरिकी उत्पादों की खरीद में ही खर्च करनी होगी। इस फैसले को अमेरिका की आर्थिक और रणनीतिक पकड़ को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

ट्रंप के अनुसार, इस राशि का उपयोग अमेरिका में निर्मित कृषि उत्पादों, दवाइयों, आधुनिक मेडिकल उपकरणों के साथ-साथ वेनेजुएला के बिजली नेटवर्क और ऊर्जा अवसंरचना को सुधारने से जुड़े उपकरणों की खरीद के लिए किया जाएगा। यानी तेल के बदले मिलने वाला पैसा भी अमेरिका की अर्थव्यवस्था में ही वापस जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार का संतुलन पूरी तरह वाशिंगटन के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्हें हाल ही में यह सूचना मिली है कि नए ऑयल डील के तहत वेनेजुएला अब केवल अमेरिका में बने उत्पाद ही खरीदेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें अमेरिकी दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और वेनेजुएला के इलेक्ट्रिक ग्रिड व ऊर्जा सुविधाओं को बेहतर बनाने वाले जरूरी उपकरण शामिल होंगे।

‘दोनों देशों के हित में लिया गया फैसला’

ट्रंप ने इस कदम को व्यावहारिक और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि वेनेजुएला ने अमेरिका को अपना प्रमुख व्यापारिक साझेदार बनाने का फैसला किया है। उनके अनुसार यह निर्णय वेनेजुएला की जनता और संयुक्त राज्य अमेरिका—दोनों के लिए लाभकारी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ध्यान दिए जाने के लिए वे आभारी हैं और इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए।

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की शर्तें

इससे पहले ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि वेनेजुएला की अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा तेल सौंपेगी। यह तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और उससे प्राप्त होने वाली पूरी रकम की निगरानी स्वयं ट्रंप करेंगे। उनका दावा है कि इस धन का उपयोग अमेरिका और वेनेजुएला—दोनों देशों के नागरिकों के हित में किया जाएगा।

यह पूरा घटनाक्रम वेनेजुएला में हाल ही में हुई एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने एक ऑपरेशन के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। इसके बाद ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अब वेनेजुएला के तेल व्यापार और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले अमेरिका की शर्तों और दिशा-निर्देशों के तहत लिए जाएंगे।