आंध्र प्रदेश: काकीनाडा की पटाखा फैक्ट्री में भयंकर धमाका, 18 की जलकर मौत

समारालाकोटा (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के सामरलकोट मंडल स्थित वेटलापलेम गांव में एक भयानक हादसा सामने आया है। यहां की एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 18 लोगों की जलकर मौत हो गई। घायल व्यक्तियों को तुरंत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे का क्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब फैक्ट्री के अंदर कुछ महिलाएं विस्फोटक सामग्री तैयार कर रही थीं। धमाके की ताकत इतनी अधिक थी कि पूरे कारखाने का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी कई मजदूर फंसे होने की आशंका है। बचाव दल घटनास्थल पर राहत और खोज अभियान में जुटा हुआ है।

शव दूर-दराज तक बिखरे

घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शव पास के खेतों तक जा गिरे। धमाके के कई घंटे बाद भी फैक्ट्री से रुक-रुक कर धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे पूरे इलाके में डर और हड़कंप मचा हुआ है। विस्फोट से निकला धुआं आसपास के पांच गांवों तक फैल गया, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं।
सीएम ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को तुरंत युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य करने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर गृह मंत्री वांगलापुडी अनीता भी घटनास्थल के लिए रवाना हुईं ताकि स्थिति की निगरानी व्यक्तिगत रूप से की जा सके। वर्तमान में मुख्यमंत्री विजयनगरम जिले के दौरे पर हैं।

चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा: काकीनाडा जिले के वेटलापलेम में पटाखा फैक्ट्री में हुए इस जोरदार धमाके से बहुत दुख हुआ। इस हादसे में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मैंने अधिकारियों को पीड़ितों को तुरंत हर संभव सहायता देने के लिए कहा है। हम राहत और बचाव कार्यों पर निगरानी रख रहे हैं और प्रभावित परिवारों की मदद करेंगे।

पहले भी हो चुका है हादसा

प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। उल्लेखनीय है कि इसी गांव में पहले भी एक पटाखा फैक्ट्री में इस तरह का हादसा हो चुका है।