तेहरान से एक बार फिर तनावपूर्ण खबर सामने आई है, जहां अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के नतान्ज स्थित परमाणु संवर्धन केंद्र को निशाना बनाते हुए बड़ा हवाई हमला किया है। शनिवार को किए गए इस हमले की जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया ने दी है। हमले के दौरान हुए विस्फोट की आवाज काफी दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी इस हमले की पुष्टि की गई है, हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी भी तरह के रेडियोएक्टिव रिसाव की खबर नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला नतान्ज परमाणु सुविधा पर दोबारा किया गया है, जिसे ईरान की प्रमुख यूरेनियम संवर्धन साइट माना जाता है। ईरानी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इस हमले के बावजूद आसपास रहने वाले लोगों के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया गया कि घटना के बाद पूरे क्षेत्र की जांच की गई और किसी भी प्रकार के विकिरण फैलाव के संकेत नहीं मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इज़रायल का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को सीमित करना है। दोनों देश लंबे समय से इस बात को लेकर चिंतित रहे हैं कि ईरान परमाणु शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी वजह से नतान्ज जैसे संवेदनशील केंद्र बार-बार हमलों के निशाने पर आ रहे हैं। इससे पहले भी संघर्ष के शुरुआती दिनों में इस साइट पर हमला किया गया था, जिसमें कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचा था, जिसकी पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से हुई थी।
ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने इस हमले को “अपराधपूर्ण कार्रवाई” करार दिया है और कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। ईरान का आरोप है कि इस तरह के हमले परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और अन्य वैश्विक समझौतों के खिलाफ हैं, जिनका पालन सभी देशों को करना चाहिए। यह परमाणु केंद्र तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
गौरतलब है कि जून 2025 में ईरान और इज़रायल के बीच हुए 12 दिन के संघर्ष के दौरान भी इस परमाणु सुविधा को निशाना बनाया गया था। उस समय भी अमेरिका की ओर से कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। वर्तमान में जारी टकराव को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, और हालात शांत होने के बजाय लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
इधर इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान ने शनिवार सुबह भी उस पर मिसाइल हमले जारी रखे। वहीं सऊदी अरब ने जानकारी दी कि उसके पूर्वी हिस्सों में स्थित अहम तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे लगभग 20 ड्रोन को कुछ ही घंटों के भीतर मार गिराया गया। इन घटनाओं से साफ है कि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा संतुलन पर पड़ सकता है।