पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में थर्मल वीडियो जारी कर बड़ा दावा किया है। सेना के अनुसार, आज सुबह उसने अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित चार पोस्टों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। जारी किए गए थर्मल वीडियो में हमले के दौरान की दृश्यावली दिखाई गई है।
पाकिस्तानी सेना ने बताया कि निशाने पर रखी गई पोस्टें किला सैफुल्लाह सेक्टर, नुस्की सेक्टर और गुदवाना सेक्टर में स्थित थीं। सेना का दावा है कि इन सभी पोस्टों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। फिलहाल अफगान सरकार की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की चिंताइससे पहले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ती हिंसा को लेकर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने गहरी चिंता व्यक्त की। महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से तुरंत संघर्ष रोकने और कूटनीति के माध्यम से मतभेद सुलझाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव दोनों देशों में हिंसा और आम नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं। उन्होंने युद्ध विराम की मांग करते हुए कहा कि सभी मतभेद बातचीत और कूटनीतिक माध्यम से ही हल किए जाने चाहिए।
दुजारिक ने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अधिकारी अफगानिस्तान में हो रहे हमलों से उत्पन्न संकट की निगरानी कर रहे हैं। विशेष रूप से पूर्वी अफगानिस्तान में तोरखम सीमा पार स्थित ट्रांजिट और रिसेप्शन सेंटर पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई गई। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करें और आम नागरिक तथा नागरिक संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
तालिबान ने बातचीत का इशारा कियाइसी बीच अफगानिस्तान में तालिबान ने कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने कई बड़े शहरों पर हवाई हमले किए हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद के रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली जंग जैसी स्थिति बन गई है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों में तनाव बढ़ता जा रहा था और कई बार जवाबी हमले भी किए गए।
तालिबान को भारी नुकसानसूत्रों के अनुसार, अफगान तालिबान को इस संघर्ष में भारी नुकसान हुआ है। अब तक 331 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अलावा 104 चेक पोस्ट नष्ट कर दी गई हैं और 22 पोस्टों पर पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया है। 163 टैंक और सशस्त्र वाहन भी नष्ट किए गए। साथ ही, अफगानिस्तान के 37 विभिन्न क्षेत्रों को हवाई हमलों के जरिए प्रभावी रूप से निशाना बनाया गया।