भैंस को कुत्ते ने काटा, उसी के दूध का बनाया रायता—तेहरवीं की दावत में 200 लोग अस्पताल पहुंचे, सोशल मीडिया भी दंग

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाली घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से सामने आया है, जहां अचानक करीब 200 लोग रेबीज का टीका लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच गए। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से किसी को कुत्ते ने काटा नहीं था, बल्कि डर की वजह बना था एक रायता। और वो भी ऐसा रायता, जो एक मृत भैंस के दूध से तैयार किया गया था।

तेहरवीं की दावत बनी डर की वजह

जानकारी के मुताबिक, बदायूं जिले में आयोजित एक तेहरवीं कार्यक्रम के दौरान परोसे गए रायते ने गांव में हड़कंप मचा दिया। जिस भैंस के दूध (मट्ठे) से यह रायता बनाया गया था, उसे कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। बाद में रेबीज के संक्रमण से भैंस की मौत हो गई। जब यह बात दावत में शामिल लोगों को पता चली, तो गांव में दहशत फैल गई। लोगों को डर सताने लगा कि कहीं दूध के जरिए रेबीज का संक्रमण उनके शरीर में न पहुंच गया हो।

डर के साए में अस्पताल की ओर दौड़

भैंस की मौत और कुत्ते के काटने की जानकारी सामने आते ही, जिन-जिन लोगों ने तेहरवीं में रायता खाया था, वे एहतियातन अस्पताल पहुंचने लगे। देखते ही देखते अस्पताल में भीड़ लग गई और करीब 200 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच गए। डॉक्टरों ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी को वैक्सीन देना शुरू कर दिया, ताकि किसी तरह का जोखिम न रहे।

बताया जा रहा है कि यह भैंस उझानी कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद की थी और उसी के मट्ठे से रायता तैयार किया गया था। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज आमतौर पर दूध के जरिए नहीं फैलता, लेकिन गांव में फैले डर और अनिश्चितता के चलते लोगों ने सावधानी बरतना ही बेहतर समझा।

सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं

मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो गई। यूजर्स ने इस घटना पर हैरानी और तंज दोनों जाहिर किए। एक यूजर ने लिखा, “एक तेहरवीं ने 200 लोगों की तेहरवीं की फील्डिंग सेट कर दी।” वहीं दूसरे ने टिप्पणी की, “अच्छा हुआ समय रहते बात सामने आ गई, वरना अनजाने में बड़ा खतरा हो सकता था।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “एक भैंस ने मिलकर 200 लोगों की लंका लगा दी, लेकिन जागरूकता काम आ गई।”

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जागरूकता और समय पर जानकारी मिलना कितना जरूरी है। हालांकि डर के कारण लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन इस सतर्कता ने संभावित खतरे को लेकर सबको सचेत जरूर कर दिया। बदायूं का यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे हैरानी भरी घटना के तौर पर याद कर रहे हैं।