ऑस्ट्रेलिया में 10 घंटे कैब चलाकर इस भारतीय ने कमाए इतने रुपए, जितना भारत में आम आदमी महीनेभर में भी नहीं कमा पाता

कैनबरा: कैब चलाने का व्यवसाय आज एक तेजी से बढ़ता सेक्टर बन गया है। भारत में भी बड़े शहरों में कैब सेवाओं का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते युवा ओला, उबर और रैपिडो जैसी सर्विसेज के जरिए कैब चला रहे हैं और अपनी रोज़मर्रा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन इस काम की कमाई अक्सर सीमित होती है, क्योंकि पैसे सिर्फ उसी समय मिलते हैं जब ड्राइवर सक्रिय रूप से गाड़ी चला रहा हो। यदि किसी दिन ड्राइवर ने आराम किया, तो उसकी कुल महीने की आमदनी पर इसका असर पड़ता है।

ऑस्ट्रेलिया में कैब चलाने वाले भारतीयों की कमाई इसके विपरीत काफी आकर्षक हो सकती है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में दिखाया गया कि एक भारतीय ने सिर्फ 10 घंटे कैब चलाकर दिनभर में इतनी कमाई की, जितना भारत में अधिकांश लोग पूरे महीने में भी नहीं कमा पाते।

भारतीय कंटेंट क्रिएटर तुषार बरेजा ने शेयर किया अनुभव


भारतीय कंटेंट क्रिएटर तुषार बरेजा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @tusharbareja23 पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में उबर चलाकर उनकी कमाई कितनी हुई। शुरुआत में तुषार ने दिन में 12 घंटे गाड़ी चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन विभिन्न चुनौतियों के कारण उन्होंने 10 घंटे ही ड्राइविंग की।

तुषार ने बताया कि 10 घंटे के ड्राइविंग शेड्यूल के बाद उन्हें कुल 330 डॉलर की कमाई हुई। भारतीय मुद्रा में इसका रूपांतरण करने पर यह लगभग 20,863 रुपये बनते हैं। यह रकम भारत में एक आम आदमी की पूरी महीने की आमदनी के बराबर है। यदि दिल्ली-एनसीआर के ओला और उबर ड्राइवरों की तुलना करें, तो उनकी एक दिन की औसत कमाई लगभग 3 से 4 हजार रुपए होती है, यानी ऑस्ट्रेलिया में तुषार की कमाई उनसे करीब 10 गुना अधिक थी।

वीडियो पर मिल रहे हैं उत्साही रिएक्शन

तुषार के इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर काफी पसंद किया जा रहा है। वीडियो पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ चुके हैं, जिसमें लोग उनके अनुभव को प्रेरणादायक बता रहे हैं।

भारत में कैब ड्राइवरों की स्थिति

अगर भारत के बड़े शहरों की बात करें, तो दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में कैब ड्राइवरों को दिनभर मेहनत करने के बावजूद सीमित आमदनी ही मिलती है। ओला, उबर और रैपिडो के ड्राइवर आमतौर पर दिन के अंत में 3 से 4 हजार रुपए ही कमा पाते हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में विदेशी मुद्रा में इतनी कमाई करना भारतीय ड्राइवरों के लिए एक बड़ा अंतर और चुनौती स्पष्ट करता है।