स्मार्टफोन ब्लास्ट से गई मासूम की जान, ये 6 गलतियां कर रही हैं 90% लोग, नजरअंदाज किया तो आप भी हो सकते हैं शिकार

लखनऊ में सामने आई एक बेहद दर्दनाक घटना ने स्मार्टफोन की सुरक्षा और उपयोग के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, चार्जिंग के दौरान मोबाइल फोन अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे तीन साल की मासूम बच्ची सृष्टि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां को हल्की चोटें आईं। इस हादसे के बाद मोबाइल फोन के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर लोगों में डर और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में Lithium-ion बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है, जो बेहद पावरफुल होती है लेकिन उतनी ही संवेदनशील भी होती है। अगर बैटरी ओवरहीट हो जाए, खराब चार्जर का इस्तेमाल किया जाए या लंबे समय तक गलत तरीके से चार्जिंग की जाए, तो यह खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती है। कई बार लोग फोन के गर्म होने को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही आदत आगे चलकर बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

चार्जिंग के दौरान क्यों बढ़ता है जोखिम

विशेषज्ञ बताते हैं कि फोन को लंबे समय तक चार्ज पर लगाकर छोड़ देना, खासकर रातभर, बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। हालांकि आज के स्मार्टफोन में ऑटो कट और सेफ्टी सिस्टम मौजूद होते हैं, फिर भी लगातार चार्जिंग और गर्मी बैटरी की लाइफ और सुरक्षा दोनों को प्रभावित करती है। इसके अलावा अगर चार्जिंग के समय गेम खेलना, वीडियो देखना या भारी एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाए, तो प्रोसेसर और बैटरी दोनों तेजी से गर्म होने लगते हैं, जिससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।

फोन फटने से पहले दिखते हैं ये चेतावनी संकेत

1. असामान्य रूप से गर्म होना

अगर फोन बिना ज्यादा इस्तेमाल के भी बार-बार गर्म हो रहा है, खासकर चार्जिंग के दौरान, तो यह बैटरी डैमेज का संकेत हो सकता है।

2. बैटरी तेजी से खत्म होना

अगर बैटरी सामान्य से बहुत जल्दी डिस्चार्ज होने लगे, तो यह संकेत है कि बैटरी कमजोर हो रही है और उसमें ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ सकता है।

3. अजीब या जलने जैसी गंध आना

चार्जिंग के दौरान अगर फोन से जलने जैसी या असामान्य गंध आने लगे, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि यह बैटरी फेलियर का संकेत हो सकता है।

4. स्क्रीन या बैक पैनल का उभरना
अगर फोन की स्क्रीन ऊपर उठने लगे या बैक कवर फूलता हुआ दिखे, तो यह बैटरी सूजने का गंभीर संकेत है और तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

5. बार-बार हैंग या रीस्टार्ट होना
फोन का बार-बार हैंग करना या अपने आप रीस्टार्ट होना केवल सॉफ्टवेयर समस्या नहीं होती, बल्कि कई बार यह बैटरी की खराबी का भी संकेत होता है।

6. चार्जिंग के दौरान पोर्ट का ज्यादा गर्म होना
अगर चार्जिंग पोर्ट या चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो यह भी खतरे की चेतावनी है। ऐसी स्थिति में तुरंत चार्जिंग रोक देना चाहिए और डिवाइस को ठंडा होने देना चाहिए।
स्मार्टफोन ब्लास्ट से बचने के लिए अपनाएं ये सेफ्टी टिप्स

1. हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें

फोन को चार्ज करते समय हमेशा कंपनी द्वारा दिया गया ओरिजिनल या सर्टिफाइड चार्जर ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोकल या सस्ते चार्जर कई बार सही वोल्टेज सप्लाई नहीं कर पाते, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति धीरे-धीरे ओवरहीटिंग का कारण बन सकती है और गंभीर मामलों में ब्लास्ट का खतरा भी बढ़ जाता है।

2. चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करें
बहुत से लोग फोन को चार्जिंग पर लगाकर गेम खेलते हैं या वीडियो देखते रहते हैं। ऐसा करने से प्रोसेसर और बैटरी दोनों पर लगातार लोड बना रहता है, जिससे फोन तेजी से गर्म होने लगता है। बेहतर यही होता है कि चार्जिंग के दौरान फोन को आराम करने दिया जाए ताकि बैटरी पर दबाव कम रहे।

3. फोन को धूप और गर्म जगहों से दूर रखें
फोन को कभी भी सीधी धूप में, बंद कार के अंदर या तकिए के नीचे नहीं रखना चाहिए। ज्यादा गर्मी बैटरी के अंदर केमिकल रिएक्शन को तेज कर सकती है, जिससे बैटरी अस्थिर हो सकती है। गर्मियों में फोन को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखना सुरक्षित माना जाता है।

4. बैटरी फूलने पर तुरंत फोन बंद कर दें
अगर फोन का बैक कवर उभरने लगे या स्क्रीन ऊपर उठी हुई दिखे, तो यह बैटरी सूजने का स्पष्ट संकेत है। ऐसी स्थिति में फोन का इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए और उसे किसी अधिकृत सर्विस सेंटर में दिखाना चाहिए। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

5. डैमेज या गिरा हुआ फोन इस्तेमाल न करें
अगर आपका फोन गिर गया है, उसकी बॉडी मुड़ गई है या किसी तरह से अंदरूनी नुकसान हुआ है, तो बैटरी भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे डैमेज फोन का लगातार इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है और यह आगे चलकर बड़ी तकनीकी खराबी या दुर्घटना का कारण बन सकता है।