बंगाल में बंपर वोटिंग के बाद क्या बदलेंगे समीकरण? पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब का चौंकाने वाला दावा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस बार मतदान ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य में जिस तरह से जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, उसने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है। इतनी भारी वोटिंग के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने पक्ष में नतीजों को लेकर दावे कर रहे हैं, जिससे सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।

बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इस उच्च मतदान को अपने पक्ष में मानकर जीत का दावा कर रही हैं। इसी बीच पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने इस मतदान को लेकर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव परिणाम ऐसे हो सकते हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए अप्रत्याशित झटका साबित होंगे। उनके अनुसार नतीजे राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकते हैं।

ममता बनर्जी को लेकर बड़ा दावा

मोहम्मद अदीब ने दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें हासिल कर सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार भले ही कम सीटों के अंतर से बने, लेकिन सत्ता में ममता की वापसी लगभग तय दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लोग तय करते थे कि कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि 4 मई को आने वाला परिणाम देश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है। उनके मुताबिक या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व व्यवस्था पर सवाल उठेंगे या फिर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान एक खास समुदाय को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ लिया जाता है।
बंपर वोटिंग पर उठे सवाल

पूर्व सांसद ने इस भारी मतदान पर भी आश्चर्य जताया और कहा कि मौजूदा चुनावी माहौल को समझना आसान नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे “मोदी कमीशन” तक कह दिया। उनके अनुसार कुछ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति ऐसे राज्यों से की गई है जहां राजनीतिक रूप से पक्षपात की संभावना हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान डर और दबाव का माहौल बनाया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि इतने विवादों और आरोपों के बावजूद 90 प्रतिशत से अधिक मतदान होना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार यदि इसके बावजूद बीजेपी सरकार नहीं बना पाती है, तो यह परिणाम 2024 के चुनाव से भी बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा।

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप


मोहम्मद अदीब ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अब यह संस्था स्वतंत्र नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के भीतर कुछ ऐसे तत्व हैं जो सत्ता पक्ष के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ नियुक्तियां बिना आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के की गई हैं, जिससे प्रक्रिया पर संदेह बढ़ता है।

एसआईआर और वोटिंग पैटर्न पर टिप्पणी

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि इसने मतदाताओं के बीच यह डर पैदा किया है कि अगर उन्होंने वोट नहीं दिया तो उनके नाम सूची से हट सकते हैं। इसी वजह से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई है। उनके अनुसार बीजेपी की पिछली सीटें भी इस बार घट सकती हैं और पार्टी के लिए सत्ता हासिल करना आसान नहीं होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता अब राजनीतिक हालात को बेहतर समझने लगी है और यह मानने लगी है कि चुनावी प्रक्रिया पर बाहरी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय उनके अनुमान को हल्के में लिया गया था, लेकिन नतीजे काफी हद तक उनके आकलन के करीब रहे।

अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं और जिस तरह से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वह स्थिति को और गंभीर बना रहा है।