कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि वे नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे और अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी भवानीपुर सीट से जारी रखेंगे। इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में एक नई हलचल देखने को मिल रही है।
दो सीटों पर जीत के बाद लिया बड़ा फैसला2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों ही सीटों पर बड़ी जीत दर्ज की थी। भवानीपुर में उन्होंने टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही मजबूत गढ़ में हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था, जबकि नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने अपनी पकड़ बरकरार रखी।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक समय में दो विधानसभा सीटों से विधायक नहीं रह सकता। इसी नियम के चलते उन्हें एक सीट छोड़नी थी, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
9 मई को ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथशुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद वे राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने।
उनकी नई सरकार में कुल 42 मंत्री शामिल किए गए, जिनमें 24 कैबिनेट मंत्री और 18 राज्य मंत्री शामिल हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया गया।
भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई बीजेपीपश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत हासिल कर ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त किया। 4 मई को घोषित नतीजों में 15 वर्षों से सत्ता में रही ममता बनर्जी की TMC केवल 80 सीटों पर सिमट गई।
अन्य दलों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा, जहां कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि सीपीएम और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट को केवल 1-1 सीट से संतोष करना पड़ा।
दो-तिहाई बहुमत के साथ नया राजनीतिक अध्यायकुल 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने बहुमत के लिए आवश्यक 148 के आंकड़े को पार करते हुए लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। इसी जनादेश के आधार पर शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद संभाला और पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।