रेप आरोपी के एनकाउंटर के बाद भड़कीं महुआ मोइत्रा, कहा- पश्चिम बंगाल में शुरू हो गया UP 2.0

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इस घटनाक्रम की पुष्टि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है। आरोपी के एनकाउंटर के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था को निशाने पर लिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पश्चिम बंगाल की तुलना उत्तर प्रदेश 2.0 से कर दी।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बारुईपुर रेप और हत्या मामले का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पश्चिम बंगाल पुलिस में क्या हो रहा है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अब नए बंगाल यानी उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह कानून का शासन नहीं, बल्कि जंगल राज की स्थिति है।

पुलिस ने बताया कैसे हुई मुठभेड़

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात आरोपी प्रभाष मंडल को मामले से जुड़े घटनाक्रम की पुष्टि और साक्ष्य जुटाने के लिए बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में ले जाया गया था। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और मौके से भागने की कोशिश की।

पुलिस का दावा है कि फरार होने के प्रयास के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें प्रभाष मंडल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित


मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक प्रभाष मंडल इस सनसनीखेज मामले का प्रमुख आरोपी था। जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी कथित तौर पर घटना से पहले उसे पीड़िता के साथ देखा गया था, जिसके आधार पर जांच एजेंसियां उसके खिलाफ साक्ष्य जुटा रही थीं।
डीजीपी को 72 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश

इस पूरे मामले पर राज्य में पहले से ही राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को निर्देश दिया था कि बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की विस्तृत रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के बाद भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया इंद्रजीत मंडल निर्दोष था। शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ करने और रेलवे ट्रैक बाधित करने वाले करीब 200 लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता के परिजनों से की मुलाकात

दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात भी की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि मामले की प्रारंभिक समीक्षा की जा चुकी है और यदि शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई में जरा भी लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने दोहराया कि पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक भीड़ का शिकार बने इंद्रजीत मंडल निर्दोष थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह पीड़िता के परिवार को न्याय मिलना जरूरी है, उसी तरह इंद्रजीत मंडल के परिवार को भी न्याय दिलाया जाएगा।

बोरी में मिला था नाबालिग का शव

गौरतलब है कि रविवार को बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरी के भीतर नाबालिग लड़की का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग पर प्रदर्शन किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की।

इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने लड़की की हत्या में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच तेज कर दी है।