दिल्ली में बारिश का कहर, देवली में पार्किंग की दीवार भरभराकर गिरी; मलबे में दबकर 10 गाड़ियां क्षतिग्रस्त

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जलभराव और खराब ड्रेनेज व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देवली इलाके में बारिश के बाद एक प्राइवेट पार्किंग की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में पार्किंग में खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियां दब गईं और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

दीवार गिरने की घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग के आसपास लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। बारिश का पानी बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं होने के कारण जमीन और दीवार पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इसी वजह से दीवार कमजोर हुई और आखिरकार उसका एक हिस्सा ढह गया।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके में ड्रेनेज और सीवर से जुड़े काम के लिए सड़कों और गलियों की खुदाई की गई है। बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं हो पाने से हालात और बिगड़ गए। लोगों का कहना है कि अगर जल निकासी की व्यवस्था पहले से बेहतर होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

8 से 10 गाड़ियों को पहुंचा नुकसान

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हादसे में करीब 8 से 10 गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। उनके मुताबिक, पार्किंग के पीछे निर्माण या अन्य काम चल रहा था और पूरी लेन को खोद दिया गया था। बारिश के बाद इस इलाके में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। पानी का दबाव बढ़ने के बाद पार्किंग की दीवार अचानक गिर गई।

स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि वे करीब आठ वर्षों से इसी जगह अपनी गाड़ी पार्क कर रहे हैं और इससे पहले कभी इस तरह की समस्या सामने नहीं आई थी। उनके मुताबिक, यह पहली बार है जब पार्किंग की दीवार गिरने से इतनी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने नगर निगम के कामकाज पर भी सवाल उठाए। स्थानीय निवासी का कहना था कि इलाके में सड़कों और गलियों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। सीवर पहले से भरे हुए हैं और मानसून के दौरान पानी बाहर निकलने का उचित रास्ता नहीं है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहा। इसी जलभराव ने दीवार की मजबूती को प्रभावित किया और देखते ही देखते दीवार गिर गई।
जलभराव और सीवर व्यवस्था पर उठे सवाल

इलाके के रहने वाले प्रवीण कुमार और प्रशांत ने भी हादसे के पीछे भारी बारिश और खराब सीवेज मैनेजमेंट को प्रमुख वजह बताया। दोनों के मुताबिक, बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया था। इसी बीच सीवर के काम के लिए सड़कों की खुदाई किए जाने से पानी की निकासी और ज्यादा प्रभावित हुई।

उनका कहना है कि दिल्ली नगर निगम यानी MCD की ओर से किए जा रहे काम के दौरान सड़कों और लेन की खुदाई के बाद उन्हें सही तरीके से व्यवस्थित नहीं किया गया। बारिश शुरू होने के बाद यही स्थिति जलभराव में बदल गई और पार्किंग की दीवार पर दबाव बढ़ता चला गया।

प्रवीण कुमार और प्रशांत ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ियां इसी प्राइवेट पार्किंग में खड़ी कर रखी थीं। इसके लिए वे हर महीने करीब 1,500 से 1,800 रुपये तक पार्किंग शुल्क का भुगतान करते हैं। कई वर्षों से यहां वाहन खड़े करने के बावजूद इस तरह की घटना पहली बार हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सीवर, नालियों और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि अगर समय रहते पानी की निकासी का इंतजाम किया जाता और खुदाई वाले हिस्सों को ठीक से संभाला जाता तो दीवार गिरने जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।

लगातार बारिश से दिल्ली-NCR में बिगड़े हालात

देवली में दीवार गिरने की घटना ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली-NCR में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राजधानी और आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं और लोगों को जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।

भारी बारिश के कारण दिल्ली की कई प्रमुख और आंतरिक सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि दिल्ली में 2011 के बाद से अगस्त के शुरुआती दिनों में इतनी अधिक बारिश देखने को मिली है। अगस्त के पहले सप्ताह में अब तक राजधानी में करीब 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। बारिश का यह दौर दिल्ली के साथ-साथ आसपास के शहरों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है।

गुरुग्राम और हरियाणा में भी बारिश का असर

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी भारी बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने के कारण यातायात की गति पर असर पड़ा है।

गुरुग्राम में बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। मौसम विभाग की ओर से भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में आने वाले समय में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है।

हरियाणा के कई जिलों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के करीब 10 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रोहतक और फरीदाबाद समेत कई जगहों पर सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।

संगम विहार और नोएडा में भी पानी ने बढ़ाई परेशानी

दिल्ली के संगम विहार इलाके में भी बारिश के बाद हालात काफी खराब बताए गए। यहां कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया और लोगों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय स्तर पर जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

वहीं, नोएडा में भी कई स्थानों पर बारिश के पानी ने सड़कों को जलमग्न कर दिया। कुछ इलाकों में सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि वाहन चालकों को काफी सावधानी के साथ गुजरना पड़ा।

लगातार बारिश ने दिल्ली-NCR में यातायात से लेकर जल निकासी तक कई व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली है। देवली में पार्किंग की दीवार गिरने और गाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसून से पहले जल निकासी और निर्माण कार्यों को लेकर पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई।

स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित एजेंसियां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालें, सीवर और नालियों की सफाई कराएं तथा सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें व्यवस्थित तरीके से बहाल करें। लोगों का कहना है कि अगर बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर तरीके से हो तो इस तरह के हादसों और संपत्ति के नुकसान की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।