कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को अपने कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान स्टार बॉक्सर अरुंधति चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 में शानदार प्रदर्शन कर 70 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली अरुंधति चौधरी और उनके परिवार को सम्मानित किया। ओम बिरला ने इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई देते हुए उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अरुंधति का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अपनी प्रतिभा और बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 70 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार और प्रशंसकों में खुशी का माहौल है, बल्कि कोटा-बूंदी क्षेत्र का गौरव भी बढ़ा है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अरुंधति की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
अरुंधति की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायकओम बिरला ने अरुंधति को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे निरंतर मेहनत, समर्पण और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि अरुंधति ने जिस तरह चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया, वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
लोकसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए उचित मंच, संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि अरुंधति की उपलब्धि उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण है, जो खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। ऐसी सफलता की कहानियां युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करती हैं और उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
भारत और कोटा-बूंदी का नाम रोशन करने की दी शुभकामनाएंकॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने पर अरुंधति को बधाई देते हुए ओम बिरला ने कहा कि भारतीय युवाओं में अपार क्षमता मौजूद है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस क्षमता को दुनिया के सामने रखने का काम करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अरुंधति आगे भी अपनी मेहनत और लगन जारी रखेंगी और अपने खेल करियर में कई नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।
ओम बिरला ने अरुंधति को भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अरुंधति आने वाले समय में भी भारत के साथ-साथ कोटा-बूंदी क्षेत्र का गौरव बढ़ाती रहें, यही उनकी शुभकामना है।
उन्होंने अरुंधति और उनके परिवार को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी सफलता की यात्रा देश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी खेलों की ओर आकर्षित करेगी और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने पर जोरलोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सफलता की कहानियां युवा पीढ़ी को मुश्किलों से मुकाबला करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में बेटियों की भागीदारी को लगातार बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलनी चाहिए। खासकर महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। जब युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलते हैं, तो वे देश के लिए बड़े मंचों पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।
ओम बिरला ने कहा कि अरुंधति जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि छोटे शहरों और क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ा सकती हैं। उनकी सफलता से कोटा-बूंदी क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को भी नई प्रेरणा मिली है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी रहे मौजूदअरुंधति चौधरी के सम्मान के अवसर पर राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। उन्होंने भी अरुंधति को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान नेताओं ने अरुंधति की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके खेल करियर में आगे भी सफलता हासिल करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सफलता क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
CWG 2026 में 70 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अरुंधति चौधरी ने कोटा-बूंदी की खेल उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा है और उन्हें यह संदेश मिला है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
अरुंधति की यह कामयाबी न केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का अवसर है, बल्कि राजस्थान और देश की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।