कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़ पर शुभेंदु अधिकारी का बयान, बोले- मानवीय चूक से गई 19 लोगों की जान

कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि यह हादसा मुख्य रूप से मानवीय चूक की वजह से हुआ। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने यह बयान हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात करने के बाद दिया। शुभेंदु अधिकारी मानिकतला के बागमारी निवासी शुभम सोनकर और श्यामपुकुर निवासी मिठू मंडल के आवास पर पहुंचे। उन्होंने दोनों परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों की सहायता करना उनकी जिम्मेदारी है।

रिटायर्ड जज की निगरानी में होगी जांच
चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में की जाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हादसे की शुरुआती वजह मानवीय चूक दिखाई देती है, जबकि अन्य पहलुओं की पड़ताल जांच की जिम्मेदारी संभालने वाली सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगी। इस प्रक्रिया में पुलिस सहयोग करेगी और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सौंप दी जाएगी। राज्य सरकार ने जांच के निष्कर्षों और उनसे मिलने वाली सिफारिशों को सार्वजनिक करने की बात भी कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो सिफारिशें सामने आएंगी, उन्हें लागू करने के लिए सरकार कदम उठाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''जो भी सिफारिशें की जाएंगी, राज्य सरकार उन्हें लागू करेगी। सरकार तुरंत रिपोर्ट को विधानसभा के सामने रखेगी, संवाददाताओं को उपलब्ध कराएगी और इसे सार्वजनिक रूप से भी जारी करेगी।''

उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति एकजुटता जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही, उन्होंने उन निजी एजेंसियों और राजनीतिक संगठनों का भी आभार जताया, जो पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहे हैं।
भगदड़ मामले में अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के मामले में अफरा-तफरी फैलाने के आरोप में शुक्रवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या नौ हो गई है।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में संजीब राहा और कुशल मजूमदार शामिल हैं। संजीब राहा को गुरुवार को नादिया जिले से हिरासत में लिया गया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, कुशल मजूमदार को शुक्रवार को कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके से पकड़ा गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी दुर्गा पूजा के पहले दिन शाम को चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में घोषणाएं कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान उनकी पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक, कुशल मजूमदार को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए पुलिस मुख्यालय ले जाया गया। जरूरत पड़ने पर दोनों आरोपियों से एक साथ पूछताछ भी की जा सकती है।

सीसीटीवी फुटेज में घोषणाएं करते दिखे आरोपी

पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों को पंडाल में लोगों से संबंधित घोषणाएं करते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वे लोगों को आगाह कर रहे थे कि पंडाल गिर रहा है और वहां मौजूद लोगों से तुरंत बाहर निकलने के लिए कह रहे थे।

पुलिस को आशंका है कि इन घोषणाओं से लोगों के बीच दहशत फैल गई और भीड़ तेजी से बाहर निकलने के रास्ते की ओर बढ़ने लगी। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि भगदड़ की वजह बनने वाली घटनाओं की कड़ियों को अभी जोड़ा जा रहा है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा। पुलिस के अनुसार, संजीब राहा चोरबागान दुर्गा पूजा समिति का कोषाध्यक्ष भी था। राहा और कुशल मजूमदार दोनों कोलकाता की अमर बसु सरणी के निवासी हैं। उनका घर पूजा स्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है।

संजीब राहा के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला

पुलिस अधिकारी ने बताया कि संजीब राहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश किए जाने की बात भी कही गई। पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके चलते पंडाल में भगदड़ मची और 19 लोगों की जान चली गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज में दर्ज गतिविधियों, आरोपियों की भूमिका और लोगों को बाहर निकलने के लिए की गई घोषणाओं की पड़ताल की जा रही है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जांच रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों को सार्वजनिक करने का भरोसा दिया है। उनके मुताबिक, तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि जांच में सामने आने वाली सिफारिशों को लागू किया जाएगा।

खबर से जुड़े सवाल (FAQs):

Q1. कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से कितने लोगों की मौत हुई?


चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए इसे मुख्य रूप से मानवीय चूक का नतीजा बताया।

Q2. चोरबागान भगदड़ मामले की जांच कौन करेगा?


मुख्यमंत्री के मुताबिक, मामले की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में होगी। पुलिस जांच में सहयोग करेगी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है।

Q3. भगदड़ मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को दो और लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या नौ हो गई है।

Q4. संजीब राहा और कुशल मजूमदार को क्यों गिरफ्तार किया गया?

पुलिस ने दोनों को अफरा-तफरी फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पंडाल में घोषणाएं करते हुए देखा गया। पुलिस के मुताबिक, वे लोगों को पंडाल गिरने की चेतावनी देकर तुरंत बाहर निकलने के लिए कह रहे थे। पुलिस को आशंका है कि इन घोषणाओं से दहशत फैली और भीड़ तेजी से बाहर निकलने लगी।

Q5. चोरबागान भगदड़ की जांच रिपोर्ट कब तक आने की उम्मीद है?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सौंप दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार रिपोर्ट विधानसभा के सामने रखेगी, इसे संवाददाताओं को उपलब्ध कराएगी और सार्वजनिक रूप से जारी करेगी।