पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को और तेज कर दिया है। इस बार पार्टी ने छत्तीसगढ़ में रह रहे बंगाली समाज और प्रवासी मतदाताओं को भी अपने पक्ष में साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से 7,000 से अधिक प्रवासी बंगाली मतदाता मतदान के लिए पश्चिम बंगाल जा सकते हैं। इसी वजह से भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक सक्रियता को काफी बढ़ा दिया है और स्थानीय स्तर पर बंगाली समुदाय को साधने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सक्रियता, नेताओं की लगातार मुलाकातेंपश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने के लक्ष्य को लेकर भाजपा इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ में रह रहे बंगाली समाज के लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे मुलाकात कर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और समर्थन की अपील कर रहे हैं।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बंगाली समाज के लोगों के साथ डिनर बैठक की, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर समुदाय से संवाद स्थापित किया और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का दावा, माहौल भाजपा के पक्ष मेंछत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर दावा किया है कि राज्य में इस समय भाजपा के पक्ष में सकारात्मक माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रहने वाले बंगाली समाज के लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उन्हें भाजपा की नीतियों से अवगत कराते हुए समर्थन देने की अपील की जा रही है।
प्रवासी बंगालियों के नेटवर्क पर फोकसछत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में ऐसे प्रवासी बंगाली नागरिक मौजूद हैं जो रोजगार के लिए यहां बसे हुए हैं। अनुमान के अनुसार, करीब 7,000 प्रवासी मतदाता ऐसे हैं जो चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल जाकर मतदान कर सकते हैं। भाजपा की रणनीति इन्हीं मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने और उन्हें पार्टी के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।
इसके साथ ही, पार्टी यह भी प्रयास कर रही है कि ये लोग अपने संपर्कों, रिश्तेदारों और गांवों तक भाजपा की नीतियों का संदेश पहुंचाएं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी भाजपा अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को साझा कर बंगाली समाज में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
90% प्रवासी बंगालियों से संपर्क का दावाभाजपा प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ में मौजूद बड़ी संख्या में बंगाली समुदाय से पार्टी का सीधा संपर्क है। उनके अनुसार, राज्य में सोना, किराना और केबल व्यवसाय से जुड़े कई प्रवासी बंगाली लोग रहते हैं, जिनसे लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इन लोगों के माध्यम से पश्चिम बंगाल में उनके परिवार और समुदाय तक भाजपा की नीतियों को पहुंचाना भी है, ताकि व्यापक स्तर पर समर्थन तैयार किया जा सके।
कांग्रेस का पलटवार, भाजपा पर दबाव बनाने का आरोपभाजपा की इस रणनीति पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण प्रवासी समुदाय पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितना प्रयास कर ले, जनता का फैसला उसके पक्ष में नहीं जाएगा और चुनाव परिणाम उसके लिए निराशाजनक साबित होंगे।
राजनीतिक मुकाबले में बढ़ती हलचलकुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा जहां प्रवासी बंगाली मतदाताओं के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बता रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति चुनावी नतीजों पर कितना असर डालती है।