रात में भेजी थी मुस्कुराती सेल्फी, सुबह मिली मौत की खबर... नवविवाहिता गायत्री की रहस्यमयी मौत पर उठे कई सवाल

“जब सुबह मेरी नींद खुली तो मोबाइल पर बेटी और दामाद की एक सेल्फी दिखाई दी। वह तस्वीर मेरी बेटी ने रात करीब डेढ़ बजे भेजी थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह लगभग आठ बजे दामाद का फोन आया और उसने बताया कि मेरी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही।” यह दर्दभरे शब्द पी. राधा गायत्री के पिता के हैं, जिनकी बेटी का शव उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक होमस्टे से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और अब मौत के कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस के अनुसार गायत्री अपने पति सौम्य श्रीचरण के साथ रविवार देर रात टिपरीधार स्थित ‘कियाना होमस्टे’ पहुंची थीं। दोनों वहां एक खास अवसर के लिए आए थे। परिजनों और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दंपति सौम्य श्रीचरण का जन्मदिन मनाने के लिए इस यात्रा पर निकला था। श्रीचरण पुणे स्थित एक आईटी कंपनी में कार्यरत है और दोनों ने कुछ दिन उत्तराखंड में बिताने की योजना बनाई थी।

सोमवार सुबह अचानक मसूरी पुलिस को सूचना मिली कि होमस्टे के एक कमरे में ठहरी महिला अचेत अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही मौके पर एंबुलेंस भेजी गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद गायत्री को मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि दंपति 13 जून को ऋषिकेश पहुंचे थे और इसके बाद रविवार रात करीब 11:30 बजे संबंधित होमस्टे में चेक-इन किया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों परिवार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के निवासी हैं। पति सौम्य श्रीचरण ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि दोनों ने रात के समय शराब का सेवन किया था। उसके अनुसार, देर रात लगभग साढ़े तीन बजे वे सोने के लिए गए थे। श्रीचरण का दावा है कि सुबह जब उसकी आंख खुली तो उसने गायत्री को अचेत अवस्था में पाया। उसने बताया कि पत्नी की नाक से खून निकल रहा था और कमरे में पेशाब फैला हुआ था।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने बताया कि महिला का शव कमरे के फर्श पर निर्वस्त्र अवस्था में मिला। कमरे में मौजूद चादर पर खून के निशान भी पाए गए। इसके अलावा मौके से शराब की दो खाली बोतलें तथा खाने-पीने का सामान बरामद किया गया है। पुलिस इन सभी चीजों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रही है और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

मृतका के पिता पी. सुधाकर ने बेटी की मौत को लेकर गंभीर संदेह जताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कहा है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। परिवार का कहना है कि कुछ घंटे पहले तक बेटी सामान्य थी, ऐसे में अचानक हुई मौत को लेकर स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठ रहे हैं।

मंगलवार को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टरों के एक विशेष पैनल ने गायत्री के शव का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि जांच में किसी तरह की कमी न रह जाए। क्षेत्राधिकारी जगदीश चंद्र पंत ने बताया कि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि मौत की असली वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन कारणों से हुई। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी वैज्ञानिक और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने नहीं आ जातीं, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

मसूरी के सीओ जगदीश पंत ने बताया कि कमरे से कुछ दवाओं के पत्ते भी बरामद किए गए हैं। इन दवाओं को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है और उनकी भी जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम के दौरान आंतरिक अंगों को संरक्षित कर विष विज्ञान परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मौत से पहले महिला ने कोई दवा, पदार्थ या अन्य चीज तो नहीं ली थी, जो घटना से जुड़ी हो सकती है।

वहीं मसूरी थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गायत्री का लो ब्लड प्रेशर का इलाज चल रहा था। पुलिस ने घटनास्थल से सभी जरूरी सामग्री एकत्र कर ली है और पूरी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच अधिकारी हर उस पहलू को खंगाल रहे हैं, जिससे घटना की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।

गायत्री और सौम्य श्रीचरण की शादी पिछले वर्ष नवंबर में हुई थी। दोनों की मुलाकात गायत्री के एक मित्र और श्रीचरण के रिश्तेदार के माध्यम से हुई थी। परिचय धीरे-धीरे रिश्ते में बदला और बाद में दोनों परिवारों की सहमति से विवाह संपन्न हुआ। परिवार के लोगों के अनुसार दोनों अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर रहे थे और भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहे थे।

श्रीचरण के पिता दुर्गा प्रसाद ने बताया कि गायत्री हैदराबाद में नौकरी करती थीं, जबकि उनका बेटा पुणे में कार्यरत था। दोनों के बीच जब रिश्ते की बात आगे बढ़ी तो उन्होंने परिवारों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विवाह का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार वर्ष 1989 से दिल्ली में रह रहा है। शादी के बाद गायत्री भी अपने सास-ससुर के साथ दिल्ली में रहने लगी थीं और बाद में उन्हें गुरुग्राम में नौकरी भी मिल गई थी।

अब परिवार उस आखिरी सेल्फी को बार-बार देख रहा है, जो गायत्री ने रात में मुस्कुराते हुए भेजी थी। कुछ ही घंटों बाद आई मौत की खबर ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि जांच जल्द पूरी होगी और गायत्री की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आएगी, ताकि उनके मन में उठ रहे तमाम सवालों का जवाब मिल सके।