उत्तर प्रदेश में कथित धर्मांतरण रैकेट को लेकर बड़ा खुलासा होने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बलरामपुर निवासी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किए जाने और उसके घर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर सख्त चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार न केवल आरोपी की संपत्तियों को जब्त करेगी, बल्कि गिरोह के हर सदस्य पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
मुख्यमंत्री योगी का कड़ा संदेश
मंगलवार को एक्स पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।”
क्या है मामला?उत्तर प्रदेश एटीएस ने बीते दिनों एक संगठित धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस गिरोह का सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, जो खुद को सूफी संत ‘हजरत जलालुद्दीन पीर बाबा’ बताता था, अब सलाखों के पीछे है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
प्रेमजाल, प्रलोभन और विदेशी फंडिंग का खेलADG LO अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर बाबा और उसके गिरोह ने प्रेमजाल में फंसाकर युवतियों को धर्म बदलने के लिए मजबूर किया। गिरोह ने कई नाबालिगों तक को नहीं छोड़ा। एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क को विदेशों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग प्राप्त हुई थी, जिसका इस्तेमाल धर्मांतरण जैसी अवैध गतिविधियों में किया गया।
40 बैंक खाते, करोड़ों की संपत्ति और बुलडोजर एक्शनजांच में जलालुद्दीन के नाम 40 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग आई थी। साथ ही गिरोह द्वारा कई महंगी संपत्तियां खरीदी गईं थीं। मामले में प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए बलरामपुर में आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया।
राजनीतिक और सामाजिक असरइस खुलासे और कार्रवाई के बाद प्रदेश भर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों में इस मामले को लेकर आक्रोश है। मुख्यमंत्री योगी की तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत है कि राज्य सरकार इस तरह के अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है—कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका प्रभाव, वेशभूषा या नेटवर्क कितना भी बड़ा क्यों न हो। छांगुर बाबा के खिलाफ कार्रवाई न केवल एक कानूनी पहल है, बल्कि यह राज्य सरकार की अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का भी सार्वजनिक उदाहरण है। आने वाले समय में यह देखा जाना बाकी है कि इस मामले में कितने और लोग गिरफ्त में आते हैं और अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क की पूरी परतें कैसे खुलती हैं।