उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक गंभीर दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरा एक स्टीमर अचानक पलट गया। इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
मथुरा के जिलाधिकारी चंद प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद अब तक 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और सेना की मदद भी मांगी गई है, और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट रही है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना में करीब 30 लोगों के नदी में डूबने की आशंका जताई गई है।
बताया जा रहा है कि इस नाव में सवार अधिकांश श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ यह हादसा परिवारों के लिए गहरा आघात बन गया है।
पांटून पुल से टकराने के बाद पलटी नावयह दुर्घटना वृंदावन के प्रसिद्ध केशी घाट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर यमुना में बने पांटून पुल से टकरा गया, जिसके बाद संतुलन बिगड़ने से वह पलट गया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
रेस्क्यू टीम ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। गोताखोर लगातार नदी में तलाश अभियान चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञानइस हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह हादसा एक बार फिर नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि राहत कार्य के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।