यूपी की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए उमड़े लोग, दो दिन में 5.59 लाख आवेदन, निर्वाचन आयोग ने दिए अहम निर्देश

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने और छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में प्रदेशभर में आयोजित दो दिवसीय विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के दौरान कुल 5,59,178 आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और पहले से दर्ज विवरण में सुधार करवाने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों ने आवेदन किए हैं।

निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना था, जिनका नाम किसी कारणवश अब तक दर्ज नहीं हो पाया है। इसके साथ ही पहले से पंजीकृत मतदाताओं को अपने विवरण में आवश्यक संशोधन कराने की सुविधा भी प्रदान की गई। हालांकि, अभियान के दौरान प्राप्त 5,59,178 आवेदन सीधे तौर पर इतने ही नए मतदाताओं के नाम जुड़ जाने की पुष्टि नहीं करते। प्राप्त आवेदनों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण के बाद ही संबंधित नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

प्रदेशभर के मतदान केंद्रों पर मौजूद रहे बीएलओ

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, विशेष अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की उपस्थिति सुनिश्चित की गई थी। बीएलओ सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहे, ताकि नागरिकों को मतदाता पंजीकरण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस दौरान मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने पहुंचे लोगों को आवेदन की प्रक्रिया समझाई गई। जिन मतदाताओं के नाम पहले से दर्ज थे, लेकिन उनके विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि थी, उन्हें आवश्यक संशोधन कराने की जानकारी दी गई। बीएलओ ने नागरिकों को मतदाता सूची में नाम की स्थिति जांचने और संबंधित फॉर्म भरने के बारे में भी मार्गदर्शन दिया। अभियान के माध्यम से निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को उनके संबंधित मतदान केंद्रों पर ही पंजीकरण संबंधी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

इन सात जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के प्रयासों की सराहना
दो दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बेहतर प्रयास करने वाले जिलों के अधिकारियों की सराहना की। इनमें हाथरस, गाजीपुर, संभल, कौशांबी, मथुरा, अमेठी और बाराबंकी शामिल हैं। इन जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अभियान के संचालन और पात्र नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की गई। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र नागरिक पंजीकरण की प्रक्रिया से वंचित न रहें। इसके लिए जिला स्तर पर अभियान का प्रभावी संचालन और प्राप्त आवेदनों का उचित निस्तारण महत्वपूर्ण माना गया है।
गाजियाबाद, वाराणसी समेत 10 जिलों को प्रयास बढ़ाने के निर्देश

जहां सात जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की गई, वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दस अन्य जिलों के अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इन जिलों में गाजियाबाद, बुलंदशहर, वाराणसी, भदोही, प्रयागराज, हमीरपुर, अंबेडकरनगर, अमरोहा, मेरठ और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।

नवदीप रिणवा ने इन जिलों के अधिकारियों से कहा कि वे पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए अपने प्रयास बढ़ाएं। विशेष रूप से ऐसे नागरिकों तक पंजीकरण संबंधी जानकारी पहुंचाने पर ध्यान दिया जाए, जिनके नाम अभी मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं।

सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष मतदाता पंजीकरण अभियानों का संचालन प्रभावी तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय में निस्तारण करने पर जोर दिया। निर्वाचन विभाग के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की है। इसी तरह पहले से दर्ज विवरण में संशोधन से जुड़े आवेदनों का भी नियमानुसार निस्तारण किया जाना है।

नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से आगामी विशेष अभियानों की तैयारियों पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण की सुविधा का लाभ उठा सकें।

वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो भरें फॉर्म-6

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है, तो वह नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकता है। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए किया जाता है। निर्वाचन विभाग की ओर से नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मतदान से पहले अपने नाम की स्थिति की जांच कर लें, ताकि पंजीकरण से संबंधित किसी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।

वहीं, जिन मतदाताओं का नाम सूची में पहले से मौजूद है, लेकिन उनके विवरण में सुधार की आवश्यकता है, वे फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस फॉर्म का उपयोग मतदाता विवरण में निर्धारित प्रकार के संशोधन के लिए किया जाता है।

ईसीआईनेट ऐप पर मिलेगी 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' की सुविधा

मतदाता पंजीकरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए निर्वाचन विभाग ने डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करने की भी सलाह दी है। नागरिक मतदाता सेवा पोर्टल और ईसीआईनेट (ECINET) ऐप के माध्यम से पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इन सुविधाओं में 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' का विकल्प भी शामिल है। इसके जरिए नागरिक अपने संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क के लिए कॉल की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य मतदाताओं को पंजीकरण, नाम की जांच और विवरण में संशोधन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना है। विशेष अभियान के अतिरिक्त भी नागरिक संबंधित ऑनलाइन सुविधाओं के माध्यम से मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

17 और 24 अक्टूबर को मिले 5.59 लाख आवेदन

विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान 17 और 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया था। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन 1,37,225 और दूसरे दिन 4,21,953 फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त हुए। इस तरह दोनों दिनों में कुल 5,59,178 लोगों ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया। दूसरे दिन कुल आवेदनों का लगभग 75.46 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ।