सपा से निष्कासन के बाद पहली बार CM योगी से हुई पूजा पाल की मुलाकात, सियासी माहौल हुआ गर्म

समाजवादी पार्टी से बाहर किए जाने के बाद, यूपी की चायल विधानसभा सीट की विधायक पूजा पाल ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहली मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है और कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकती हैं। बीते कुछ समय से पूजा पाल लगातार योगी सरकार की प्रशंसा कर रही हैं। हाल ही में विधानसभा में आयोजित विजन 2047 कार्यक्रम में भी उन्होंने मुख्यमंत्री की खुलकर सराहना की थी।

विधायक पूजा पाल का बयान:

पूजा पाल ने विधानसभा में कहा, “सभी जानते हैं कि मेरे पति राजू पाल की हत्या कैसे और किसने की थी। उस कठिन समय में मुख्यमंत्री ने मेरी बात सुनी और न्याय दिलाया। प्रयागराज में मुख्यमंत्री ने मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलवाया और अपराधियों को सजा दी। मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने मिट्टी में मिला दिया। पूरा प्रदेश आज मुख्यमंत्री पर विश्वास करता है।”

जीरो टॉलरेंस की नीति की सराहना

सपा से निष्कासन के बाद मीडिया से बातचीत में पूजा पाल ने स्पष्ट किया कि वह पहले पीड़ित थीं और बाद में विधायक बनीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ उन्होंने राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं की, बल्कि अतीक अहमद के मामले में लागू जीरो टॉलरेंस नीति की वजह से की। पूजा पाल ने कहा, “मैं खुद इस मामले में पीड़ित हूं, इसलिए इस पर बोलना मेरा कर्तव्य था। मैंने कभी स्वार्थ की राजनीति नहीं की। मुख्यमंत्री ने अतीक अहमद से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।”

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और सपा से अलगाव

सपा की टिकट पर विधायक बनी पूजा पाल राज्यसभा चुनाव के बाद से पार्टी से अलग-थलग चल रही थीं। उनके साथ आठ अन्य विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके चलते चार विधायकों को सपा ने पार्टी से निकाल दिया था। जब इस मामले पर सपा प्रमुख से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि बाकी चार बागी विधायकों को सुधार का मौका दिया गया है। लेकिन विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी की तारीफ करने के बाद, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूजा पाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।