उत्तर प्रदेश की स्नातक छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के शुभारंभ और विशेष बसों के फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर में स्नातक की पढ़ाई कर रही 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके मुताबिक बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक सरकार सुरक्षा और स्वावलंबन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
रक्षाबंधन पर तीन दिन मुफ्त बस सेवाकार्यक्रम में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार 27, 28 और 29 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों को यूपी परिवहन निगम तथा सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
29 अगस्त के बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा जारी रहने की बात कही गई है। इसके लिए महिलाओं को वोटर आईडी या आधार कार्ड दिखाना होगा। यात्रा का किराया सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।
इस बस सेवा का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर मातृशक्ति योजना रखा गया है। मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के महिला स्वावलंबन से जुड़े योगदान का भी उल्लेख किया।
कामकाजी महिलाओं के छात्रावास भी अहिल्याबाई के नाम परमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जाने वाले छात्रावासों की योजना का नाम भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा जा रहा है। बस सेवा को भी उनके नाम से जोड़ा गया है।
महिला सुरक्षा पर सरकार के प्रयासों का जिक्रअपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर संकट था और पेंशन तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में बिचौलियों की भूमिका थी। उन्होंने त्योहारों से पहले होने वाले उपद्रव और माफिया के प्रभाव का भी उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय है।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने का दावामुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में उत्तर प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं। उनके अनुसार अब यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो गई है और नई भर्ती के बाद 50 हजार तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने महिला पीएसी की तीन बटालियन बनाए जाने की भी जानकारी दी। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के तौर पर पिंक बूथ और वन स्टॉप सेंटर का जिक्र किया।
बेटियों के रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बेटियां घर से बाहर निकलकर नौकरी या कारोबार कर सकें और सुरक्षित वापस लौटें। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में 36 फीसदी महिलाएं स्वावलंबी हो चुकी हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सरकार की योजनाओं के प्रमुख केंद्र में रखने की बात दोहराई।