समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार, 19 सितंबर को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर रोजगार, निवेश और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और निवेश को लेकर विज्ञापनों के जरिए बड़ी तस्वीर पेश कर रही है, जबकि युवाओं को रोजगार मिलने को लेकर स्थिति अलग है।
अखिलेश यादव ने विज्ञापनों का जिक्र करते हुए कहा कि अखबारों में लगातार कई तरह के विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। उनका दावा था कि निवेश और उद्योग विज्ञापनों में दिखाई दे रहे हैं, जबकि नौकरियां न्यूज में दिखाई जा रही हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यदि विज्ञापनों में बताई गई नौकरियों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो प्रदेश में कोई बेरोजगार नहीं बचेगा।
सपा अध्यक्ष ने रोजगार के साथ-साथ निवेश के आंकड़ों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सामने रोजगार और निवेश की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसे लेकर जमीनी स्तर पर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार के पहले किए गए आय दोगुनी करने के वादे का भी उल्लेख किया।
नौकरियों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामनेउत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर भाजपा सरकार और अखिलेश यादव के बीच हाल के दिनों में बयानबाजी तेज हुई है। इससे पहले अखिलेश यादव ने अगले छह महीने में एक लाख सरकारी नियुक्ति-पत्र देने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे की समयसीमा पर सवाल उठाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रियाएं चल रही हैं और आने वाले समय में नियुक्ति-पत्र दिए जाएंगे। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया चल रही है, जबकि होमगार्ड के करीब 41 से 42 हजार पदों के लिए परीक्षा हो चुकी है। उन्होंने अगले छह महीनों में UPSSSC के जरिए करीब 25 से 30 हजार और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए भी युवाओं को नियुक्ति मिलने की बात कही।
अखिलेश यादव की शनिवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोजगार और निवेश के साथ किसानों से जुड़े मुद्दे भी उठे। उन्होंने आलू से संबंधित विज्ञापन का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि आलू का कितना उत्पादन हुआ, बजट में इसके लिए कितना प्रावधान किया गया और किसानों से कितनी खरीद हुई।
इस तरह उत्तर प्रदेश में रोजगार, सरकारी नियुक्तियों और निवेश के आंकड़े फिलहाल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। शनिवार को अखिलेश यादव ने जहां सरकार के दावों और विज्ञापनों पर सवाल उठाए, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया और प्रस्तावित नियुक्तियों का हवाला देते हुए सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा।