राम मंदिर में दान गिनने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा, चढ़ावा विवाद के बीच बढ़ी हलचल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मंदिर में दान की गणना का कार्य करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों के एक साथ नौकरी छोड़ने के बाद गुरुवार को केवल 13 गणनाकर्मी ही ड्यूटी पर पहुंचे, जिससे दान की गिनती का काम प्रभावित हुआ। इस घटनाक्रम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संबंधित बैंक और कर्मचारियों को उपलब्ध कराने वाली सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर ट्रस्ट, बैंक और एजेंसी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों में से एक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले मंदिर में चढ़ावे की गिनती दो अलग-अलग शिफ्टों में होती थी। लेकिन हाल ही में सामने आए चढ़ावा विवाद के बाद कुछ कर्मचारियों को हटाया गया, जिसके बाद दोनों शिफ्टों को मिलाकर एक ही शिफ्ट कर दिया गया। इसके चलते पहले जहां कर्मचारियों की ड्यूटी छह घंटे की होती थी, वहीं अब उसे बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया।

कर्मचारी के अनुसार अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार काम कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, पहले सभी कर्मचारियों को हर महीने 14,755 रुपये का वेतन मिलता था, लेकिन बाद में इसमें भी कटौती कर दी गई। कुछ कर्मचारियों का वेतन 8 हजार रुपये और कुछ का 11 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। इसके अलावा मासिक अवकाश की संख्या भी कम कर दी गई, जिससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता गया।
मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा

कर्मचारियों का कहना है कि बुधवार शाम काम खत्म होने के बाद सभी ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। उन्होंने मांग की कि काम के घंटे पहले जैसे किए जाएं, वेतन में की गई कटौती वापस ली जाए और पहले जैसी सुविधाएं बहाल की जाएं। इस संबंध में कर्मचारियों ने एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा, अयोध्या के अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों की तैनाती करने वाली सैनिक सिक्योरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर जयराम यादव से भी शिकायत की।

हालांकि कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद 23 कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित इस्तीफा और मांगपत्र संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया। अधिकारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन गुरुवार सुबह इस्तीफा देने वाले कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे, जिससे पूरे मामले में हड़कंप मच गया। इसके बाद बैंक, ट्रस्ट और एजेंसी के अधिकारी स्थिति संभालने में जुट गए।

नई भर्ती की तैयारी, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया में लग सकता है समय

बैंक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को केवल 13 कर्मचारियों की मौजूदगी में दान की गिनती का कार्य किया गया, जिससे काम की गति प्रभावित हुई। अब संबंधित संस्थाएं नए कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी कर रही हैं। हालांकि हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद किसी भी नए कर्मचारी की नियुक्ति विस्तृत सत्यापन के बिना नहीं की जाएगी। ऐसे में नई भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है।

वहीं वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी एजेंसी के प्रभारी गौरव सिंह ने फिलहाल इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह शुक्रवार को इस संबंध में प्रतिक्रिया देंगे। दूसरी ओर बैंक से जुड़े एक कर्मचारी का कहना है कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में पहले जितने कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं रह गई है।

ट्रस्ट अध्यक्ष से कार्यवाहक महासचिव की मुलाकात भी बनी चर्चा का विषय

इधर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने मणिराम छावनी स्थित मंदिर में मुलाकात की। इस दौरान गोपाल राव भी उनके साथ मौजूद रहे। कार्यवाहक महासचिव का पदभार संभालने के बाद यह उनकी अध्यक्ष से पहली औपचारिक मुलाकात थी। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन इस मुलाकात को भी दान गणना कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे और हालिया चढ़ावा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।