अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले की जांच अब और तेज हो गई है। पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) इस प्रकरण की हर कड़ी को जोड़ने में जुटे हैं। इसी क्रम में करीब 70 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच एजेंसियां पहले से गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर नए तथ्य जुटाने का प्रयास कर रही हैं। मंगलवार को जिला कारागार में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से लगभग दो घंटे तक गहन पूछताछ की गई थी, जबकि बुधवार को टिन्नू यादव सहित अन्य आरोपियों से भी पूछताछ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कई पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है जांचजांच एजेंसियों ने इस मामले में राम मंदिर से जुड़े लगभग 70 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी, निगरानी व्यवस्था संभालने वाले लोग, नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी तथा बैंकिंग व्यवस्था में शामिल संबंधित व्यक्तियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच अब केवल एक पहलू तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की अलग-अलग स्तरों पर पड़ताल की जा रही है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इसी क्रम में जिला जेल में बंद अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक विस्तृत पूछताछ की गई। जांच सूत्रों के अनुसार, 5 जून को उसके घर पर की गई कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा कई ऐसे दस्तावेज भी मिले, जिन्हें जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण मान रही हैं और उनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
नकदी की बरामदगी को लेकर उठ रहे हैं कई सवालअब जांच का फोकस इस बात पर है कि अविनाश शुक्ला के घर से मिली बड़ी नकदी का स्रोत क्या था, यह धन किन माध्यमों से एकत्र किया गया और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश कौशलपुरी क्षेत्र में रहता था, जहां इस मामले के अन्य आरोपी अनुकल्प और लवकुश का भी निवास बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने अपने भाई के योग सेंटर में भी आर्थिक निवेश किया था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद रकम का उपयोग निजी खर्चों, निवेश या किसी अन्य गतिविधि में तो नहीं किया गया। इन सभी बिंदुओं की वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है।
बैंकिंग व्यवस्था और प्रबंधन भी जांच के दायरे मेंराम मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की नकदी के प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पास थी। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि बैंकिंग प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। प्रारंभिक जांच के दौरान बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आई है।
सूत्रों का कहना है कि जल्द ही संबंधित बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके साथ ही चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, नकदी के रखरखाव की प्रक्रिया, कर्मचारियों की नियुक्ति और पूरे निगरानी तंत्र की भी विस्तार से समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित लापरवाही या अनियमितता का पता लगाया जा सके।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी मांगी जाएगी जानकारीपुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उससे जुड़े विभिन्न विभागों के करीब 70 लोगों को नोटिस भेजे हैं। इन सभी से अलग-अलग चरणों में पूछताछ कर चढ़ावे के संग्रह, प्रबंधन और धन के लेनदेन से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
इसके साथ ही आरोपियों के घरों से जब्त नकदी, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों का आपस में मिलान कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
टिन्नू यादव सहित अन्य आरोपियों से फिर हो सकती है पूछताछजांच एजेंसियां बुधवार को टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों से भी पूछताछ करने की तैयारी में हैं। इससे पहले जिन आठ आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है, उनके बयानों का दोबारा विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार के विरोधाभास या नए सुराग सामने आ सकें।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा चंपत राय के बयानों तथा ट्रस्ट कार्यालय में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों का भी परीक्षण जारी है। जरूरत पड़ने पर इन दस्तावेजों को अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
एसबीआई कर्मचारियों से भी हो सकती है पूछताछजांच के दौरान यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि बैंकिंग प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उससे चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण एसबीआई के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक दर्ज सभी बयानों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अदालत में नई अर्जी दाखिल कर टिन्नू यादव सहित अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ की अनुमति भी मांगी जा सकती है। इसके अलावा अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी जल्द दर्ज किए जाने की संभावना है, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।