अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए दावे और जानकारियां भी सामने आ रही हैं। इस मामले में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसी बीच सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय ने अपने करीबी लोगों से बातचीत में इस पूरे प्रकरण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कथित तौर पर कहा कि इस मामले में टिन्नू यादव की भूमिका सबसे अहम रही और उसने उनके विश्वास का गलत फायदा उठाया।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय के निकटस्थ लोगों का कहना है कि उन्होंने स्वीकार किया है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुख्य किरदार टिन्नू यादव ही था। उनका कहना है कि जिस भरोसे के साथ उसे जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, उसी का दुरुपयोग करते हुए कथित अनियमितताएं की गईं। यह भी दावा किया जा रहा है कि जब मामला उजागर होने लगा और उस पर शिकंजा कसने की आशंका बनी, तब उसने कथित रूप से समाजवादी पार्टी के एक नेता को इसकी जानकारी दी।
चंपत राय से भी पुलिस ने जुटाई जानकारीमामले की जांच के दौरान हाल ही में पुलिस ने चंपत राय का बयान भी दर्ज किया है। हालांकि, उनसे पूछताछ कब, कहां और कितनी देर तक हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने उनसे चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी ली और संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में वह हाथों में नोटों की गड्डियां पकड़े दिखाई दे रहा है, जिसके बाद यह फोटो भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है।
वायरल तस्वीर की भी होगी जांचवायरल तस्वीर में अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला कथित तौर पर नकदी के बंडलों के साथ नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पिछले वर्ष अगस्त महीने की है। अब पुलिस इस फोटो की सत्यता की जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि तस्वीर कब और किन परिस्थितियों में ली गई थी।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अमित शुक्ला से भी पूछताछ कर सकती हैं ताकि तस्वीर से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके और यदि कोई वित्तीय संबंध सामने आता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जा सके।
अविनाश शुक्ला की रिमांड के लिए अदालत पहुंची पुलिसदूसरी ओर, जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से विस्तृत पूछताछ की तैयारी भी तेज हो गई है। पुलिस उसे 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करना चाहती है और इसके लिए विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में रिमांड अर्जी दाखिल की गई है।
इस अर्जी पर आज सुनवाई होनी है, जहां अदालत यह तय करेगी कि पुलिस को आरोपी की कस्टडी दी जाए या नहीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड मिलने पर मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
इस्तीफे के बाद भी ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे चंपत रायइस बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होगा।
ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक किसी पदाधिकारी को उसके प्रशासनिक पद और जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है, लेकिन इससे उसकी ट्रस्ट की आजीवन सदस्यता स्वतः समाप्त नहीं होती। ऐसे में यदि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार भी कर लिए जाते हैं, तब भी वे ट्रस्ट के आजीवन सदस्य बने रहेंगे। यही व्यवस्था अन्य पदाधिकारियों पर भी लागू होती है। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो ने इस्तीफा दे दिया है, इसलिए आगामी बैठक में शेष 12 ट्रस्टियों की राय के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।