वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज 14 दिन बाद गुरुवार सुबह अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से आश्रम लगातार चर्चाओं में था। इसी बीच, प्रेमानंद महाराज और क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर विवादित दावा करने वाले फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बातों को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराजप्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने श्रीजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम गए, जहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और गुरुजी से आशीर्वाद लिया। करीब छह बजे वह यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त जमा हो गए। भीड़ को संभालने में आश्रम के शिष्यों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए।
शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद चर्चा में आया था आश्रमप्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत पिछले शुक्रवार को हुई थी। दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। इस घटना के बाद मामला तब और चर्चा में आ गया, जब उनके निजी अंग का एक हिस्सा कटा हुआ मिलने की बात सामने आई। पुलिस जांच के दौरान कमरे से निजी अंग का कटा हुआ हिस्सा और उसे काटने में इस्तेमाल किया गया कटर मिलने की जानकारी दी गई थी। घटना से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। फुटेज में रसिक दुलारी को इमारत से कूदते हुए देखा गया, लेकिन निजी अंग कटने से जुड़ा सवाल स्पष्ट नहीं हो सका। घटना के इन पहलुओं के कारण आश्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। मामला व्यापक स्तर पर सुर्खियों में रहा। इसी घटनाक्रम के बीच प्रेमानंद महाराज का आश्रम पहुंचना भी भक्तों के लिए खास रहा।
विराट कोहली को लेकर फलाहारी महाराज ने क्या दावा किया था?दूसरी ओर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण से जुड़े एक पक्षकार दिनेश शर्मा, जिन्हें फलाहारी महाराज के नाम से भी जाना जाता है, ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम और विराट कोहली को लेकर बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। फलाहारी महाराज के कथित बयान के मुताबिक, राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को आश्रम लाने के लिए यह रकम खर्च की थी। इस दावे के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने उनका विरोध किया।
संतों की बैठक में सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार का फैसलाफलाहारी महाराज के बयान के विरोध में सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज की बैठक हुई। बैठक में उनके सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार की घोषणा की गई। साथ ही, भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद फलाहारी महाराज ने अपने बयान को लेकर माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के लिए कभी कोई अपमानजनक बात नहीं कही और वह पूज्य महाराज से माफी मांगते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मीडिया में उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। फलाहारी महाराज ने यह आरोप भी लगाया कि इस मामले को लेकर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन धमकियों के संबंध में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया है।