प्रयागराज: कल तक जो कार्यकर्ता सड़क पर बवाल मचा रहे थे, पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर जमकर उत्पात कर रहे थे, वे आज खुद को कानून के सामने बेबस पाते हुए सिर झुकाकर कान पकड़ते नजर आए। प्रयागराज में सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना जाने से रोकने पर हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। अब तक 51 भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
जिस बाज़ार में था खौफ, अब लौटी रौनकजिस भडेवरा बाजार में रविवार को हिंसा, आगजनी और डर का माहौल था, वहीं सोमवार को जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटता नजर आया। दुकानों के शटर उठने लगे हैं, स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं और लोग फिर से सामान्य दिनचर्या की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि बाजार में अब भी सन्नाटे की परत कुछ हल्की सी पसरी हुई है, लेकिन लोग अब धीरे-धीरे साहस जुटाकर बाहर निकलने लगे हैं।
हिंसा की तस्वीरें चौंकाने वाली, महिलाएं और पत्रकार भी नहीं बचेरविवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी के सह-संस्थापक सांसद चंद्रशेखर आजाद को कौशांबी और करछना के इसौटा गांव में जाने से रोका गया। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने करछना थाना क्षेत्र के भडेवरा बाजार में हिंसा फैला दी। साढ़े तीन घंटे तक बाजार में उपद्रव, तोड़फोड़, आगजनी और पथराव का तांडव चला। भीड़ इतनी उग्र थी कि उसने एसीपी करछना अरुण त्रिपाठी सहित कई पुलिसकर्मियों, राहगीरों, महिलाओं और पत्रकारों को भी नहीं बख्शा।
दुकानों में लूटपाट, सड़कों पर बर्बादी के निशानकई दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, तो कुछ में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पुलिस को पीछे हटकर अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। लेकिन जैसे ही भीड़ थमी, पुलिस ने पूरी मुस्तैदी से मोर्चा संभाल लिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई: रातभर चली छापेमारी, गांव-गांव हुई तलाशरविवार देर शाम से ही पुलिस ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी थी। पहले दिन उपद्रव के वीडियो फुटेज के आधार पर 22 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सोमवार सुबह चार बजे से पुलिस की धरपकड़ फिर से तेज हो गई। करछना और आसपास के ककरम, तेली का पूरा, इसौटा, भुंडा, मछहर का पूरा, घोरघट, अरई, भीरपुर, करछना, करबालपुर, बरसवल, लखरावा, लहबरा, अकोढ़ा, कौंधियारा, भमोखर जैसे गांवों से चिन्हित कर 51 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया।
कई बाइकें जब्त, वीडियो फुटेज से पहचान जारीरैली के दौरान उपद्रव मचाकर भागे उपद्रवियों की बाइकें घटनास्थल पर ही छोड़ दी गई थीं। पुलिस ने इन बाइकों को ट्रैक्टर पर लादकर थानों में भेजा है और नंबर प्लेट के आधार पर उपद्रवियों की पहचान जारी है।
कानून का शिकंजा कसता जा रहा है, अब माफी मांग रहे उपद्रवीजो उपद्रवी कल कानून को चुनौती दे रहे थे, आज गिरफ्त में आते ही उनका रुख बदल गया। कुछ को थाने में कान पकड़कर माफी मांगते देखा गया। यह दृश्य हर उस नागरिक के लिए एक चेतावनी है जो कानून को हल्के में लेकर सड़कों पर हिंसा का रास्ता चुनते हैं।