केशव मौर्य का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- भाजपा में शामिल होने के लिए हमसे मिले थे; राकेश सचान पर भी बोले

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राकेश सचान से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं पर टिप्पणी की। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर जब मौर्य से सवाल किया गया तो उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव खुद उनसे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए मिले थे। मौर्य ने इस दावे के समर्थन में मुलाकात की कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

दरअसल, राकेश सचान और अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनके बीच हुई बातचीत को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। इसी संदर्भ में मौर्य से राकेश सचान के समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलों पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने अखिलेश यादव को लेकर यह टिप्पणी की। हालांकि, राकेश सचान ने अपनी ओर से इस मुलाकात को अलग संदर्भ में बताया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सचान ने इसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ तय कार्यक्रम के सिलसिले में हुई मुलाकात बताया और अखिलेश यादव के साथ किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक मुलाकात से इनकार किया था।

अखिलेश के PDA पर भी साधा निशाना


कानपुर में बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने PDA का अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ और ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए समाजवादी पार्टी की राजनीति पर हमला किया।

मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा का PDA गुंडों, अपराधियों, माफिया और दंगाइयों को संरक्षण देने वाला मंच है। यह समाजवादी पार्टी और उसके PDA को लेकर मौर्य की राजनीतिक टिप्पणी थी। उपलब्ध रिपोर्टों में भी उनके इस बयान को सपा पर किए गए राजनीतिक हमले के तौर पर दर्ज किया गया है।

2027 चुनाव को लेकर भाजपा की सरकार बनने का दावा

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा की वापसी का दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा फिर सरकार बनाएगी और पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा।

मौर्य ने समाजवादी पार्टी को लेकर यह भी कहा कि 2027 तो दूर, वर्ष 2047 तक भी सपा प्रदेश की सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने चुनावी राजनीति के संदर्भ में सपा की संभावनाओं पर यह दावा किया। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम भविष्य में होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले आधिकारिक नतीजों से तय होगा।
SIR और मतदाता सूची पर क्या बोले केशव मौर्य?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी उपमुख्यमंत्री ने अपनी स्थिति रखी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और शुद्ध होना जरूरी है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम कर रहा है और भाजपा इस प्रक्रिया का समर्थन करती है।

मौर्य ने SIR को लेकर विपक्षी दलों की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस पर SIR के मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों की अपनी आपत्तियां और राजनीतिक दावे हैं। इस तरह SIR का मुद्दा भी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।

केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को कानपुर में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राकेश सचान और अखिलेश यादव की मुलाकात, समाजवादी पार्टी के PDA, 2027 के विधानसभा चुनाव और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।